कोरोना महामारी ने मास्क को हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बना दिया है। इसी बीच खबर आई है कि अमेरिका में जिन लोगों ने वैक्सीन लगा ली है उन्हें बाहर निकलने वक्त मास्क लगाने की जरूरत नहीं है, सिर्फ उन्हें भीड़ से बचना होगा। जहां भीड़-भाड़ न हो वहां मास्क उतारने की इजाइत दे दी गई है। राष्ट्रपति बाइडन ने कहा कि जिन लोगों ने वैक्सीन नहीं लगवाई है, खासकर यदि तुम जवान हो और ये सोच रहे हो कि तुम्हें वैक्सीन की जरूरत नहीं तो। तुम्हारे पास अब टीका लगाने का अच्छा कारण है।

अमेरिका की शीर्ष सरकारी स्वास्थ्य एजेंसी ने पूरी तरह से टीकाकरण वाले अमेरिकियों को सूचित किया कि वे ज्यादातर समय मास्क के बिना रह सकते हैं। यदि आपने पूरी तरह से टीका लगवा लिया है, तो आप कई चीजें करना शुरू कर सकते हैं जिन्हें आपने महामारी के कारण करना बंद कर दिया था। एजेंसी ने कहा कि मास्क उन लोगों के लिए जरूरी है जो कंसर्ट में जाना चाहते है या कोई खेल देखने। वहां मास्क पहनना अनिवार्य है। और सिनेमा हॉल या शॉपिक करने दौरान सबको मास्क लगाना जरूरी है।

कोरोना से बचने के लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वैक्सीन बनने से पहले मास्क पहनने को एक कारगार हथियार बताया। आज का दौर ऐसा है कि हर किसी को मास्क पहनना जरूरी है लेकिन इस्राइल दुनिया का पहला ऐसा देश बनने जा रहा है, जहां मास्क को ना पहनने के आदेश दे दिए गए हैं।  जी हां, इस्राइल में प्रशासन ने लोगों को मास्क ना पहनने के आदेश दिए हैं। इस्राइल में 81 फीसदी जनता को कोरोना की वैक्सीन लग चुकी है, जिसके बाद प्रशासन ने यह फैसला सुनाया है। 

सरकार के इस आदेश के बाद लोगों ने अपने चेहरे से मास्क उतार फेंका और सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर की।इस्राइल में 16 साल से अधिक उम्र के 81 फीसदी लोगों को कोरोना के दोनों टीकें लग चुके हैं। वहीं वैक्सीनेशन में तेजी से यहां कोरोना संक्रमण और अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या में तेज गिरावट आई है। हालांकि इजरायल में सख्ती अभी भी लागू है। विदेशियों की एंट्री और बिना टीका लगवाए लोगों का प्रवेश सीमित है।