यूक्रेन और रूस की लड़ाई की वजह से यूक्रेन में भारी तबाही मची है। इस संकट का पूरी दुनिया पर असर पड़ रहा है। लेकिन इसके बावजूद माना जा रहा है कि दुनिया में कुछ लोग ऐसे भी हैं जिन्हें रूस-यूक्रेन युद्ध के बारे में कोई जानकारी नहीं है। इसके पीछे की वजह भी चौंकाने वाली है।

आपको बता दें ​कि अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा के एक मिशन में शामिल 6 लोग इससे अनजान हो सकते हैं। इस खास मिशन में रूस के तीन यात्रियों में ओलेग ब्लिनोव, विक्टोरिया और एकातेरिना करियाकिना के साथ यूएई के सालेह अल अमेरी और दो अमेरिकी विलियम ब्राउन और एशले कोवाल्स्की भी अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं।

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ये सभी लोग NASA के प्रयोग के तहत रूस में मौजूद एक कैप्सूल में बंद है। जिन्हें 8 महीने के लिए पूर्व सोवियत संघ के दौर की एक इमारत में रखा गया है। यही वजह है कि इनके बारे में ये कहा जा रहा है कि ये वो चंद लोग हो सकते हैं जो यूक्रेन में चल रहे युद्ध के बारे में कुछ भी न जानते हों। यह मिशन रूस और नासा के एक्सपेरिमेंट SIRIUS 21 का हिस्सा है। जिसमें कड़ी ट्रेनिंग के बाद इन लोगों को जगह दी गई है।

यूक्रेन पर हमले की वजह से रूस और अमेरिका के बीच बढ़ी तल्खी और जुबानी जंग के बावजूद बावजूद ये दो अमेरिकी बिना किसी टेंशन के पूरे रुतबे के साथ रूस की राजधानी में मॉस्को में हैं। न पुतिन को इनसे दिक्कत है और न बाइडेन को इन्हें बुलाने की जल्दी। ऐसा इसलिए है क्योंकि रूस पर तमाम प्रतिबंधों के ऐलान के बावजूद अब तक प्रेसिडेंट जो बाइडेन ने इस मिशन को खत्म करने का आदेश नहीं दिया है। इसी कारण अमेरिका के विलियम ब्राउन और एशले कोवाल्स्की, रूस के तीन और यूएई के एक साथी के साथ रिसर्च का हिस्सा बने हैं।

ये सभी लोग पिछले साल नवंबर में कैप्सूल में दाखिल हुए थे जो तय समय सीमा के मुताबिक इस साल जुलाई से पहले बाहर नहीं आएंगे। बाहरी दुनिया के साथ इस समूह का एकमात्र संपर्क साधन एक ई पेपर है जो प्रयोग में शामिल एक क्वार्डिनेटर द्वारा एक सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जाता है। जिसे मिशन से जुड़े लोगों के साथ उनके मित्र और परिवार वाले ही एक्सेस कर सकते हैं।

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अमेरिकी नागरिक ब्राउन ने अपने दोस्तों के साथ आखिरी बातचीत 24 फरवरी को बात की थी जो पुतिन द्वारा यूक्रेन पर हमला शुरू करने से पहले हुई थी। नासा की फिलहाल इस पर कोई टिप्पणी नहीं आई है कि इस क्रू को युद्ध के बारे में जानकारी है या नहीं। दूसरी ओर नासा ने इस प्रयोग के समय से पहले समाप्त होने और इन्हें बाहर निकालने जैसी संभावनाओं पर भी कोई बयान नहीं दिया है। अमेरिका को अपने स्पेस मिशन के लिए इंजन रूस से लेने होते हैं तो क्या यही वजह है कि अभी तक दोनों वैश्विक महाशक्तियों के बीच आपस में इतनी तल्खी के बावजूद इस मिशन को लेकर एक शब्द भी नहीं कहा है। वहीं यही वजह हो सकती है कि इस मामले में पुतिन और बाइडेन एक साथ नजर आ रहे हैं।