मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा है कि सूचना अाधिकार कानून का गलत प्रयोग हुआ तो शासन व्यवस्था तथा समाज को नुकसान होगा। इस कारण सभी को साकारात्मक नजरिए से इस कानून के सटीक प्रयोग पर बल देना होगा। यहां पंजाबाड़ी के जुरीपार में असम राज्य सूचना आयोग के स्थाई कार्यालय भवन की आधारशिला रखते हुए सोनोवाल ने कहा कि सूचना जानने का अधिकार नागरिकों का मौलिक अधिकार है। शासन व्यवस्था को पारदर्शी और स्वच्छ करने के लिए यह कानून महत्वपूर्ण भुमिका का पालन कर सकता है।

उन्होंने कहा कि देश तथा राष्ट्र निर्माण में इस कानून का सटीक प्रयोग हुआ तो राष्ट्र की ताकत भी बढ़ेगी। देश की शासन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए नागरिकों को इस कानून को ग्रहण करना होगा। अपने भाषण प्रसंग में मुख्यमंत्री सोनोवाल ने कहा कि इस कानून के तहत लाभ मिले तो लोकतंत्र में मूल्यबोध की स्थापना होगी। समाज के गरीब तबके लोगों को इस कानून से लाभ मिला तो सामाजिक मर्यादा बढ़ेगी। उभरती पीढी़ को भी इस कानून के जरिए लोकतंत्र को शक्तिशाली बनाने को मौका मिलेगा। सोनोवाल ने इस कानून के संबंध में नागरिकों में अधिक सजग एवं सचेत करने की जरुरत पर बल दिया।
इस दौरान उन्होंने बताया कि देश के 6 राज्यों  में सूचना आयोग का खुद काल कार्यालय है। आज इस कार्यालय भवन की आधारशिला रखी गई। इसके निर्माण जाने के बाद असम इस मामले में सातवां राज्य बन जाएगा। इस कर्यक्रम में मुख्य सचिव आलोक कुमार, राज्य के मुख्य सूचना आयुक्त हिमांशु शेखर दास, पहले मुख्य सूचना आयुक्त तथा मेघालय के पूर्व राज्यपाल रंजीत शेखर मुसाहारी ने भी अपनी बात रखी। सभा में राज्य सूचना आयुक्त पिनुवेल बासुमतारी और निलोफर आलम हजारिका सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।