भारत में Corona वायरस इस समय कहर बरपा रहा है और मौतों का आंकड़ा बढता जा रहा है। ऐसे में अब युवा लोग केवल उन्हें डेट करना पसंद कर रहे हैं जिन्होंने कोरोना की वैक्सीन लगवा ली है। इसकी जानकारी एक सर्वे से पता चली है। ऑनलाइन डेटिंग क्वैकक्वैक के नेतृत्व में किए गए सर्वे के परिणामों से पता चला है कि लोग ऐंटी-वैक्सएक्सर्स (Anti-vaxxer) की तुलना में प्रो-वैक्सीन पर बात करने की ज्यादा संभावना रखते हैं।

18-30-आयु वर्ग के लगभग 70 प्रतिशत लोग टीके लगने के बाद ही अपनी डेट को पूरा करने पर विचार करेंगे और 31 वर्ष या उससे अधिक उम्र के 10 में से 8 प्रतिशत लोगों को लगता है कि टीकाकरण उनकी डेट के लिए एक शर्त बन चुकी है। दूसरी ओर, आयु वर्ग 18-30 में 30 प्रतिशत लोग टीकाकरण पर विचार नहीं करेंगे और डेट करते समय अन्य सुरक्षा सावधानी बरतेंगे।

लगभग 80 फीसदी महिलाएं और 70 फीसदी पुरुष चाहते हैं कि वे ऐसे इंसान को डेट करें जिसने अपना टीकाकरण करवा लिया हो। अगर कोई जिसने टीका नहीं लगवाया है, तो उसके प्रस्ताव खारिज होने की संभावना ज्यादा है। केवल 25 प्रतिशत पुरुषों और महिलाओं को ऐंटी-वेक्सीनेटर से मिलने के विचार के लिए खुला पाया गया। बता दें कि 'Anti-vaxxer' वो लोग होते हैं, जो किसी वजह से वैक्सीन लगावाने में विश्वसा नहीं रखते हैं।

क्वैकक्वैक के संस्थापक और सीईओ रवि मित्तल ने एक बयान में कहा कि ''सर्वेक्षण ने हमें कुछ महत्वपूर्ण जानकारी दी है कि कैसे लोग मौजूदा संकट के बारे में लापरवाही नहीं बरत रहे हैं और हर किसी की भलाई के लिए जारी किए गए स्वास्थ्य प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कर रहे हैं। दूसरी लहर को लेकर लोग डरे हुए और अब बातचीत 'लॉकडाउन', 'कोविड', 'मास्क' 'वैक्सीनेशन', 'असामयिक दूरियां' में तब्दील हो गई है।''
'मैच खोजने की संभावना बढ़ाने के लिए अब ये खुलासा करना आवश्यक हो गया है कि आपको टीका लगाया जा चुका है। इस वजह से अब टीकाकरण एक व्यक्ति को पसंद और चुने जाने के लिए एक अतिरिक्त गुण बन गया है।''

यानी सीधा सा मतलब है कि अब चाहे नया साथी तलाशना हो या फिर डेट पर जाना हो, टीकाकरण हो चुका हो, तभी आपके रिश्ते में आगे बढ़ने के चांस ज्यादा हैं। और टीका नहीं लगवाया तब तो आपको शायद प्यार और शादी का ख्याल भी भूलना पड़ जाए।