पट्रोल डीजल कि कीमते थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पुरे देश में बढ़ती कीमतों को लेकर हंगमा जारी है। लेकिन केंद्र सरकार अभी तक कीमतों पर अंकुश लगाने में नाकाम रही है। पिछले कई दिनों से पेट्रोल-डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। 

लेकिन ये जानकर आपको आश्चर्य होगा कि भारत के ही एक राज्य में लोगों को 20 से 22 रुपये कम में पेट्रोल-डीजल मिल रहा है। यहां के लोगों पेट्रोल-डीजल के इन बढ़ते दामों से कोई परेशानी नहीं हो रही है। जानिए पूरी पड़ताल हमारे साथ। 

दिल्ली  से 1,897 किमी दूर असम के बक्सा जिले के लोगों को पेट्रोल-डीजल के दामों से  कोई परेशानी नहीं है। यहां के रहने वाले लोग दिल्लीवासियों की तुलना में 20 से 22 रुपये कम में पेट्रोल-डीजल भरवाते हैं। बक्सा के सीमावर्ती इलाके में रहने वाले लोगों की गाड़ियां कभी-भी भूटान के सैमड्रप जोंगखार पहुंच जाती है और वह भी बिना किसी टैक्स या चेकिंग के। 

नेशनल हाईवे 127 ई के रास्ते सैकड़ों लोग भूटान जाते हैं और वह भी पेट्रोल-डीजल लेने, क्योंकि उन्हें वहां 20 से 22 रुपये सस्ते में पेट्रोल-डीजल मिल जाता है। यहां भूटान की मुद्रा भारतीय रुपये के बराबर ही है। वैसे भी भारत और भूटान के द्विपक्षीय संबंध परम्परागत रूप से बड़े मधुर रहे हैं और दोनों देशों के बीच एक विशेष संबंध है। यानी बक्सा के सीमावर्ती इलाके में रहने वालों को पेट्रोल और डीजल के दामों से कहीं कोई चिंता नहीं है। 

आपको ज्यादा हैरानी तो तब होगी जब आपको पता लगेगा कि  भारत ही भूटान को पेट्रोल भेजता है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेट लिमिटेड और भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि. भूटान में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई करते हैं। असम में पेट्रोल की कीमत 76 रुपये प्रति लीटर है, जबकि भूटान में 52 रुपए प्रति लीटर है यानी आधे किमी की दूरी पर 20 रुपये सस्ता पेट्रोल मिलता है। 

1 जुलाई 2017 से भारत में जीएसटी लागू होने के बाद भूटान को किए जाने वाले सभी निर्यात जीरो रेटेड हो गए हैं। तो भूटान से जो एक्साइड ड्यूटी ली जाती थी, वह अब लौटा दी जाती है। इस वजह से भूटान में पेट्रोल की कीमत में 17 प्रतिशत और डीजल में 14 प्रतिशत की कटौती हो जाती है। इससे भूटान के राजस्व में भी कमी आई है। भूटान की सरकार लोगों को फायदा पहुंचाना चाहती है। बक्सा के लोगों के लिए इससे बड़ी राहत क्या हो सकती है।

कुछ लोग इसलिए भूटान जाकर पेट्रोल भरवाते हैं कि इसके बक्सा के सीमावर्ती इलाकों में पेट्रोल पंप नहीं है, तो कुछ लोग सीधे-सीधे कालाबाजारी के लिए जाते हैं, क्योंकि एक लीटर पर उन्हें 20 से 22 लीटर का फायदा जो हो रहा है। वहीं दुकानदार यहां खुली बोतलों में पेट्रोल बेचते हैं। असम में 2016 में बीजेपी की सरकार बनने के बाद हर तरह के टैक्स, चेकिंग गेट्स हटा लिए गए थे।