तमाम अटकलों को दरकिनार करते हुए व बारिश की हल्की फुहारों के बीच काजीरंगा राष्ट्रीय उद्दान को देशी- विदेशी पर्यटकों के लिए खोल दिया गया। वन मंत्री परिमल शुक्लवैद्द ने कोहरा रेंंज के एेतिहासिक मिहीमुख प्रवेश केंद्र पर परंपरागत तरीके से फीता काटकर उद्दान को आम पर्यटकों के लिए औपाचारिक तौर पर खोला।

इस मौके पर गणमान्य व्यक्तिओं के साथ बड़ी संख्या में देशी-विदेशी सैलानी मौजूद थे। उद्घाटन के बाद हाल ही में नार्दर्न रेंज में जंगली हाथी के हमले में मौत को गले लगाने वाले गणेश नेवार के परिजनों को वाइल्ड लाइफ ट्रस्ट आॅफ इंडिया की तरफ से एक लाख रुपए का चेक प्रदान किया गया। साथ ही राज्य के जल संसाधन मंत्री केशव महंत ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्दान के दक्षिणी छोर पर स्थित ब्रह्मपुत्र नदी द्वारा काजीरंगा राष्ट्रीय उद्दान के सीमावर्ती इलाके में खतरनाक तरीके से भूकटाव को रोकने के लिए सौ करोड़ की एक मुश्त राशि खर्च करने की घोषणा की। कोहरा रेंज के उद्घाटन के तुरंत बाद मंत्रियों का काफिला अपने लाव लश्कर के साथ बागोरी रेंज पहुंचा।

वहीं केशव मंहत ने सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में फीता काटकर बागोरी रेंज को पर्यटकों के लिए खोल दिया। उधर कृषि मंत्री अतुल बोरा ने जीप सफारी का शुभारंभ किया। गौरतलब है कि सदियों से चली आ रही परंपरा को तोड़ते हुए राज्य सरकार ने काजीरंगा राष्ट्रीय उद्दान को अपने तय समय से एक महीना पहले 1 नवंबर की जगह 1 अक्टूबर से खोलने का निर्णय लिया। साथ ही उद्यान को 30 अप्रैल की जगह 31 मई को बंद करने का फैसला किया। वहीं राज्य के प्रकृति प्रेमी व पर्यावरण विदों ने समय से पहले उद्दान को खोलने की कड़ी आलोचना की थी।  

उल्लेखनीय है  हर वर्ष की तरह इस बार भी बुढ़ापहाड़ व अगरतली रेंज के अंतर्गत पड़ने वाले काजीरंगा के जंगलों को आज पर्यटकों के लिए नहीं खोला गया। विभागीय सूत्रों के अनुसार मूसलाधार वर्षा व बाढ़ के कारण जंगल के अंदर क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम पूरा नहीं हो पाने के कारण एेसा किया गया है। आज बड़ी संख्या में सैलानियों ने भी उद्दान के दर्शन किए।