अरुणाचल प्रदेश के मुख्‍यमंत्री पेमा खांडू पर बलात्‍कार का आरोप लगाने वाली महिला ने प्रेस कॉन्‍फ्रेंस कर कहा कि वह इंसाफ के लिए पीएम नरेंद्र मोदी और राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद के दरवाजे पर दस्‍तक देगी।



महिला ने अरुणाचल के सीएम पेमा खांडू के खिलाफ राष्‍ट्रीय महिला आयोग में भी शिकायत की थी, लेकिन 20 फरवरी को उनकी अपील खारिज कर दी गई। महिला ने सीएम पेमा खांडू के उस बयान पर प्रतिक्रया दी, जिसमें उन्‍होंने रेप के आरोपों को झूठा और राजनीति से प्रेरित बताया था। महिला ने कहा कि उन्‍होंने खांडू के खिलाफ जब 2015 में केस फाइल कराया था तब वह कांग्रेस में थे और आज वह बीजेपी में हैं।

महिला का आरोप है कि उन्‍हें यह कहकर

सर्किट हाउस बुलाया गया था कि उन्‍हें काम दिया जाएगा। महिला का आरोप है कि

सर्किट हाउस में प्रेमा खांडू ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर उसके साथ

2008 में दुष्‍कर्म किया था।


महिला ने कहा कि , मैंने उनके खिलाफ 2015 में मामला दर्ज कराया था, जब वह कांग्रेस में थे..और अब वह बीजेपी में हैं, उसकी लड़ाई किसी पार्टी के खिलाफ नहीं है बल्कि एक व्‍यक्ति के खिलाफ है। खांडू ने 2016 में बीजेपी ज्‍वॉइन की थी। महिला ने अपनी और अपने पति की जान को भी खतरा बताया है। उनका कहना है कि वह कुछ समय के लिए दिल्‍ली में रहना चाहती हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा उनकी अपील खारिज करने के बाद निराश महिला ने आयोग पर खांडू का पक्ष लेने का आरोप लगाया। महिला ने कहा, राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने हमसे अच्छे से बात की तो हमें उम्मीद जगी थी। लेकिन याचिका दायर करने के बाद उन्होंने रंग बदल दिया।


इस लड़ाई में पीड़िता की मदद कर रही एक स्वयंसेवी संस्था 'अरुणाचल प्रदेश सिविल सोसायटी' के अध्यक्ष पातेय तयुम ने कहा, तवांग में खांडू के प्रभाव के कारण पुलिस और न्याय विभाग मामले को आगे नहीं बढ़ा रहे। इसलिए हम सर्वोच्च अदालत में अपील करेंगे कि मामले की सुनवाई दूसरे प्रदेश में हो।