काबुल से 150 से अधिक भारतीयों का एक दल रविवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षित लौट आया। अफगानिस्तान में जारी तनाव और अशांति के बीच यात्रियों के सुरक्षित घर पहुंचने के बाद वे काफी खुश थे।

काबुल से आने वाले एक यात्री हरि थापा ने कहा कि तालिबान द्वारा वहां सरकार गिराए जाने के बाद पूरे अफगानिस्तान में भय का माहौल है। उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, हमें ज्यादा परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा क्योंकि मैं काबुल के एक होटल में रुका था और किसी तरह काबुल हवाई अड्डे तक पहुंचने में कामयाब रहा।’’ थापा ने कहा, ‘‘तालिबान ने हमें आसानी से जाने की अनुमति दी। हम एक सप्ताह के लिए एक होटल में ठहरे थे ताकि सुरक्षित भारत वापस आ सकें।’’

उनकी सुरक्षित वापसी में भारतीय दूतावास की भूमिका के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें दूतावास से कोई मदद नहीं मिली। उन्होंने कहा, ‘‘हम किसी तरह काबुल हवाईअड्डे तक पहुंचने में सफल रहे। अफगानिस्तान की राजधानी में सडक़ों पर अफरा-तफरी मच गई है।’’ काबुल में भारतीय नागरिकों के अपहरण के बारे में उन्होंने कहा कि उन्हें काबुल में ऐसी किसी बात की जानकारी नहीं है।काबुल में अपने भयानक अनुभव को याद करते हुए, हरि ने कहा कि हवाई अड्डे पर अराजकता जैसी स्थिति है। ‘‘हर कोई किसी भी तरह से अफगानिस्तान छोडऩे की जल्दी में है।’’ हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें काबुल में तालिबान से कोई सीधी धमकी नहीं मिली।