लोकजनशक्ति पार्टी (पारस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष व केन्द्रीय खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्री पशुपति कुमार पारस ने केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकत की है। दोनों नेताओं की मुलाकात गृहमंत्री के दिल्ली स्थित आवास पर हुई। 

दोनों के बीच लगभग आधे घंटे तक बातचीत हुई। पारस के साथ पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद प्रिंस राज भी थे। दोनों की मुलाकात के बाद कई तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं। सबसे ज्यादा चर्चा भतीजे चिराग पासवान को लेकर हो रही है। 

ऐसा माना जा रहा है कि बीजेपी ने अब एलजेपी के पारस गुट को ही असली लोजपा मान लिया है। एक दिन पहले ही पारस के छोटे भाई की पुण्यतिथि पर भी बीजेपी पशुपति के साथ खड़ी नजर आई थी। चिराग ने अकेले ही पुण्यतिथि मनाई थी।

कुछ नेता उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव से भी इस मुलाकात को जोड़कर देख रहे हैं। ऐसे लोगों का मानना है कि पिछले यूपी चुनाव में भाजपा की जीत में रामविलास पासवान की महती भूमिका थी। अब उनके नहीं रहने के बाद भाजपा श्री पारस का उपयोग इसके लिए करना चाहती है। उधर विपक्ष के कुछ सदस्यों का मानना है कि केन्द्रीय मंत्रीपरिषद में फेरबदल के बाद बिहार राजनीतिक तापमान भांपने के लिए अमित शाह ने पारस को बुलाया था। उनकी पार्टी का बिहार प्रदेश अध्यक्ष का साथ होना भी इस तर्क को मजबूती देता है। 

हालांकि मुलाकात के बाद पार्टी के मुख्य प्रवक्ता श्रवण कुमार अग्रवाल ने बताया कि यह शिष्टाचार मुलाकात थी। इसका कोई राजनीतिक अर्थ निकालना सही नहीं होगा। केन्द्र में मंत्री बनने के बाद पशुपति पारस की अमित शाह से फोन पर ही बात हुई थी एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित होने के बाद भी गृह मंत्री ने फोन से बधाई दी थी। लिहाजा अब श्री पारस ने गृह मंत्री से शिष्टाचार मुलाकात की है। गृह मंत्री के आवास पर उनकी यह पहली मुलाकात थी।