राजनेताओं की कथित तौर पर बड़े पैमाने पर जासूसी को लेकर चल रहे विवाद के बीच जब आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव पेगासस परियोजना पर एक बयान पढ़ रहे थे, तब तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने मंत्री के हाथ से रिपोर्ट छीन ली और उसे फर्श पर फाड़कर फेंक दिया।

पत्रकार से भाजपा सांसद बने स्वपन दासगुप्ता ने कहा, टीएमसी के कुछ सांसदों ने मंत्री के हाथ से पेपर लिया और फाड़ दिया। उन्होंने कहा, यह अस्वीकार्य है। तृणमूल सांसद शांतनु सेन को राष्ट्रीय टेलीविजन पर मंत्री के हाथ से रिपोर्ट छीनते, फाड़ते और फिर कटे हुए टुकड़ों को हवा में फेंकते देखा गया। लगातार हंगामे के बीच उच्च सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

उन्होंने कहा कि विपक्ष को सवाल पूछने का अधिकार है, लेकिन चर्चा के बजाय हमें सदन के अंदर इस तरह का हो-हंगामा देखने को मिला। यह नियमों के बिल्कुल खिलाफ है और मुझे लगता है कि इसकी भरपूर भर्त्सना होनी चाहिए। वहीं, एक और बीजेपी सांसद महेश पोद्दार ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि टीएमसी तो प. बंगाल में विपक्षियों की हत्या और महिलाओं से दुर्व्यवहार तक करती है, इसलिए उससे संसद सदस्य कुछ भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा, 'आज उन्होंने पेपर छीनकर फाड़ दिए, कोई आश्चर्य नहीं कि वो कल कपड़े फाड़ दें।' हालांकि, सदन के बाहर टीएमसी सांसद शुभेंदु शेखर रॉय ने मीडिया के सवालों पर कुछ भी जवाब नहीं दिया।