तालिबान अफगानिस्तान को जीत के रूप में देख रहे हैं। अफगान के कई प्रांतों पर कब्जा कर चुका है और राष्ट्रपति भवन पर भी काबिज हो चुका है। सरकार बनाने के ख्वाब में अफगान का एक इलाका पंजशीर रोड़ा बना हुआ है। पंजशीर पर अभी तक तालिबान जीत नहीं पाया है। हैरानी वाली बात तो यह है कि पंजशीर में तालिबान पैर भी नहीं मार सकता है तो जीत की तो बात दूर की है।

बता दें कि तालिबान पंजशीर आज तक हासिल नहीं कर पाया है। क्योंकि यहां हैरान कर देने वाली ट्रैनिंग लिए हुए सैनिक तालिबान का जमकर मुकाबला करते हैं और तालिबान उल्टे पांव दौड़ता है। बता दें कि जब से तालिबान ने अफगानिस्तान पर नियंत्रण किया है, तभी से पंजशीर घाटी में विद्रोही लड़ाके जुटना शुरू हो गए हैं। बताया जा रहा है कि इनमें सबसे ज्यादा संख्या अफगान नेशनल आर्मी के सैनिकों की है। इस गुट का नेतृत्व नॉर्दन एलायंस ने चीफ रहे पूर्व मुजाहिदीन कमांडर अहमद शाह मसूद के बेटे अहमद मसूद कर रहे हैं।

उनके साथ पूर्व उपराष्ट्रपति अमरुल्लाह सालेह और बल्ख प्रांत के पूर्व गवर्नर की सैन्य टुकड़ी भी है। जानकारी के लिए बता दें कि पहले भी तालिबान पंजशीर पर कब्जे का दावा कर चुका है। तालिबान के एक कमांडर ने कहा कि सर्वशक्तिमान अल्लाह की कृपा से, हम पूरे अफगानिस्तान के नियंत्रण में हैं। संकट पैदा करने वालों को हरा दिया गया है और पंजशीर अब हमारे कब्जे में है। इससे पहले भी तालिबान ने दावा किया था कि उसके लड़ाकों ने पंजशीर के काफी बड़े हिस्से पर अपना कब्जा कर लिया है। तब पंजशीर के लड़ाकों ने इस दावे को खारिज कर दिया था।