झारखंड में राज्य सरकार ने रजनीगंधा, पान पराग समेत 11 पान मसालों पर लगे बैन को एक साल के लिए बढ़ा दिया है। झारखंड सरकार के फूड सेफ्टी कमिश्नर अरुण कुमार की ओर जारी हुए इस आदेश के मुताबिक इन पान मसालों में मैग्नीशियम कार्बोनेट मिला है। इससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है। 

 झारखंड में 11 पान मसालों पर बैन 8 मई 2020 को लगाया गया था। इसे अब एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है। झारखंड के फूड सेफ्टी कमिश्नर अरुण कुमार ने इस आदेश को जारी किया है। आदेश में कहा गया कि अगर कोई उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ आईपीसी के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

आदेश में कहा गया है कि 2019-20 में प्रदेश के अलग-अलग जिलों से 41 प्रकार के पान मसाला के सैंपल्स लिये गए थे। जांच में इनमें मैग्नीशियम कार्बोनेट होने की पुष्टि हुई थी। फूड सेफ्टी कमिश्नर अरुण कुमार ने इस आदेश में कहा कि मैग्नीशियम कार्बोनेट से लोगों को हाइपर मैग्निशया की शिकायत होती है। इससे हार्ट अटैक का खतरा रहता है।

झारखंड सरकार ने जिन 11 पान मसालों पर एक साल के लिए बैन बढ़ाया है उनमें पान पराग मसाला, शिखर पान मसाला, रजनीगंधा, दिलरुबा, राज निवास पान मसाला, मुसाफिर, मधु, बिमल, बहार, सेहरत और पान पराग प्रीमियम पान मसाला शामिल है।