पूर्व मुख्यमंत्री ई के पलानीस्वामी को अन्नाद्रमुक विधायक दल का नेता चुना गया, इसके बाद वह राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता होंगे। पलानीस्वामी को आज सर्वसम्मति से पार्टी कार्यालय में आयोजित नव-निर्वाचित विधायकों की दूसरी बैठक में अन्नाद्रमुक विधानमंडल दल का नेता चुना गया। इसकी घोषणा पलानीस्वामी और पूर्व उप मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने संयुक्त रूप से की। 

पलानीस्वामी अन्नाद्रमुक के सह-समन्वयक हैं और पन्नीरसेल्वम अन्नाद्रमुक के समन्वयक हैं। विपक्ष का नेता का चुनाव करने के लिए शुक्रवार को आयोजित नव-निर्वाचित अन्नाद्रमुक विधायकों की पहली बैठक हंगामेदार हुई थी क्योंकि इन दोनों नेताओं के समर्थक चाहते हैं कि उनके नेता इस पद के लिए चुने जाएं। अन्नाद्रमुक की शुक्रवार की बैठक में कोई निर्णय नहीं हो पाने के बाद दोनों नेताओं ने आज विधायकों की दूसरी बैठक बुलाई, जिसमें पलानीस्वामी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। 

पलानीस्वामी अपने पैतृक क्षेत्र से पांचवीं बार विधायक निर्वाचित हुए हैं। राज्य में गत छह अप्रैल को विधानसभा के एक चरण में हुए चुनावों में द्रमुक ने 10 साल तक सत्ता से दूर रहने के बाद भारी बहुमत के साथ जीत हासिल की है। अन्नाद्रमक के नेतृत्व वाला मोर्चा 234 सदस्यीय विधानसभा में केवल 75 सीट जीतने में कामयाब रहा। इसमें अन्नाद्रमुक को 66 सीटें जबकि उसके सहयोगी पीएमके और भारतीय जनता पार्टी को क्रमश: पांच और चार सीटों पर जीत हासिल हुई। 

द्रमक के नेतृत्व वाले मोर्चे ने 159 सीटों पर विजय हासिल की जिसमें द्रमुक के खाते में 133, कांग्रेस और वीसीके ने क्रमश: 18 और चार सीटें जीती। द्रमुक के अन्य सहयोगियों में भाकपा और माकपा की झोली में दो-दो सीटें आयीं थी।