पाकिस्तान की महिला सांसदों ने पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक की बेटी नूर मुकादम के हत्यारे को मौत की सजा तथा महिलाओं एवं बच्चों के बलात्कारियों और हत्यारों को सार्वजनिक रूप से फांसी दिये जाने की मांग की है। 

पाकिस्तानी की नेशनल असेंबली ने शुक्रवार को संसद की कार्यवाही के दौरान सर्वसम्मति से महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा, विशेष रूप से इस महीने की शुरुआत में नूर की हत्या की तीखी निंदा की, जिसने पूरे पाकिस्तान को झकझोर कर रख दिया। पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) एमएनए की अस्मा कादिर नूर मुकादम की नृशंस हत्या और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ हिंसा के देश में बढ़ते मामलों के बारे में सदन के पटल पर बोलते हुए रो पड़ीं। 

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की मेहनाज अकबर अजीज और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के शमीम आरा ने नूर मुकदम के हत्यारे के लिए मौत की सजा की मांग की। आरा ने अन्य सभी हत्यारों और मासूम बच्चों के बलात्कारियों के लिए मौत की सजा की भी मांग की और कहा कि कानूनों को सख्ती से लागू करना होगा ताकि कोई भी इस तरह के अपराध करने की हिम्मत न कर सके। 

अजीज ने कहा, नूर मुकादम हत्या जैसी घटनाएं तब तक नहीं रुकेंगी जब तक कि मौत की सजा लागू नहीं की जाती। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ आतंकवाद विरोधी और त्वरित अदालत में मुकदमा चलाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, हम मामले में फैसला एक साल में नहीं बल्कि महीनों में चाहते हैं। पीएमएल-एन की रोमिना खुर्शीद ने भी दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करते हुए कहा कि इस दुखद घटना को बार-बार मीडिया पर नहीं दिखाया जाना चाहिए। जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री जरताज गुल ने नूर हत्या मामले पर कहा कि यह कोई अंधा मामला नहीं है। हर तथ्य हमारे सामने है और सभी दोषियों को भी पकड़ लिया गया है। मानवाधिकार मंत्री शिरीन मजारी ने कहा कि सरकार मामले की बारीकी से निगरानी कर रही है, वहीं प्रधानमंत्री को भी घटनाक्रम से अवगत कराया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि मामला सही दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया से इस मुद्दे पर सनसनीखेज होने से बचने के लिए कहा और ऐसी तस्वीरें मीडिया द्वारा नहीं दिखाई जानी चाहिए जो पीड़ति परिवार को चोट पहुंचा सकती हैं। उन्होंने कहा कि पत्नी, मां और बेटी के नाम पर महिलाओं का शोषण नहीं होना चाहिए। यह कहना गलत है कि एक महिला को इसलिए प्रताड़ति किया गया क्योंकि उसने पश्चिमी पोशाक पहनी हुई थी और वह सांस्कृतिक मूल्यों का पालन नहीं कर रही थी। पीएमएल-एन की खुर्रम दस्तगीर ने कहा कि नूर मुकादम मामला संघीय सरकार के लिए एक चुनौती और परीक्षा का मामला है।