अफगानिस्तान में तालिबान के सैनिकों ने पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर पाकिस्तानी सेना द्वारा सुरक्षा बाड़ लगाने में बाधा डाल दी है। पाकिस्तान ने उनके विरोध के बावजूद 2600 किलोमीटर की सीमा के अधिकांश हिस्से पर बाड़ लगा दी है, जिसने ब्रिटिश काल के बॉर्डर को चुनौती मिल गई है।

अफगान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता इनायतुल्ला ख्वारज़मी ने कहा है कि तालिबान बलों ने पाकिस्तानी सेना को 19 दिसंबर को पूर्वी प्रांत नंगरहार के साथ एक अवैध सीमा बाड़ लगाने से रोक दिया। उन्होंने कहा है कि अब सब कुछ सामान्य है।

इतना ही नहीं बल्कि तालिबान सैनिकों ने कंटीले तारों के स्पूल जब्त किए हैं। एक सीनियर अधिकारी ने सुरक्षा चौकियों पर तैनात पाकिस्तानी सैनिकों से सीमा पर फिर से बाड़ लगाने की कोशिश नहीं करने को कहा है।

तालिबान के प्रवक्ता बिलाल करीमी ने कहा है कि वे घटना की जांच कर रहे हैं। तालिबान के दो अधिकारियों ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि स्थिति तनावपूर्ण थी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद 22 दिसंबर को पाकिस्तानी क्षेत्र से सीमा पार से अफगानिस्तान के कुनार प्रांत में मोर्टार दागे गए।

हालांकि, ये साफ नहीं हुआ है कि क्या दोनों घटनाएं जुड़ी हुई हैं। अधिकारियों ने कहा कि अफगान सैन्य हेलीकॉप्टरों को इलाके में गश्त करते देखा जा सकता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच जारी गतिरोध बताता है कि यह मुद्दा तालिबान के लिए एक विवादास्पद मामला बना हुआ है, बावजूद इसके इस्लामाबाद के साथ घनिष्ठ संबंध हैं।

पाकिस्तान अफगानिस्तान बॉर्डर पर यह घटना तब हुई है जब दुनिया के मुस्लिम देशों के प्रतिनिधि अफगानिस्तान में जारी मानवीय आपदा पर चर्चा करने के लिए इस्लामिक सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन के लिए इस्लामाबाद में जमा हुए थे।