एक दुर्लभ कबूलनामे में पाकिस्तान के बड़े मंत्री ने स्वीकार कर लिया है कि अफगानिस्तान के तालिबानी आतंकियों के परिवार पाकिस्तान में रह रहे हैं। अक्सर अपने बड़बोले बयानों से पाकिस्तान की किरकिरी कराने वाले गृहमंत्री शेख राशिद ने कहा कि आतंकियों के परिवार राजधानी के लोकप्रिय उपनगरों में रह रहे हैं और कई बार इस आतंकी संगठन के सदस्य स्थानीय अस्पतालों में इलाज कराते हैं। 

इस्लामाबाद लगातार अफगानिस्तानी नेताओं की ओर से लगाए जाने वाले उन आरोपों को खारिज करता रहा है, जिनमें कहा जाता है कि तालिबानी विद्रोही गतिविधियों के लिए पाकिस्तानी जमीन का इस्तेमाल करते हैं। पाकिस्तानी टीवी न्यूज चैनल जियो न्यूज की ओर से रविवार को प्रसारित किए गए एक इंटरव्यू में शेख राशिद ने कहा, ''तालिबान परिवार यहां पाकिस्तान में रहते हैं। वे रवात, लोई बेर, बारा काहू और तरनोल जैसे इलाकों में रहते हैं।'' गृहमंत्री की ओर से बताए गए इलाके इस्लामाबाद के फेसम इलाके हैं।

राशिद ने उर्दू नेटवर्क को बताया, ''कई बार उनके (लड़ाकों) के शव आते हैं और कई बार वे यहां अस्पतालों में इलाज कराने आते हैं।'' पाकिस्तान पर अक्सर तालिबानी आतंकियों के समर्थन और उन्हें बढ़ावा देने का आरोप लगता है, जो पिछले दो दशक से अफगानिस्तान की सरकार से लड़ रहे हैं। इतने बड़े नेता और मंत्री की ओर से यह सच स्वीकार किया जाना बेहद दुर्लभ है। 

इसी इंटरव्यू में राशिद ने कहा कि पूर्व सैन्य तानाशाह परवेज मुशर्रफ दुश्मनों के उन इलाकों में ड्रोन हमलों को प्रभावी मानते थे, जो पाकिस्तानी बलों की पहुंच से बाहर हैं। तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्तान की सरकार के खिलाफ हमले तेज कर दिए हैं। 1 मई से अमेरिकी अगुआई वाली अंतरराष्ट्रीय सेना की वापसी के बाद ऐसा हो रहा है। पिछले सप्ताह ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि उनका देश अमेरिका को तालिबान के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं करने देगा।