पाकिस्तान के अबुजार मधु को अपने बालों के चलते ​कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता रहा है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में पैदा हुए 28 साल के मधु एक थियेटर आर्टिस्ट हैं और बच्चों को पढ़ाते हैं। लेकिन वो अपने बालों के चलते अक्सर पुलिसवालों के निशाने पर रहते हैं।

5 जून की दोपहर को लाहौर में मधु को जेल में डाल दिया गया था। वो उस समय एक रिक्शा का इंतजार कर रहे थे। पुलिस अधिकारियों का कहना था कि वे समझ नहीं पा रहे थे कि आखिर मधु ने ऐसा हुलिया क्यों बनाया हुआ है। मधु ने कहा- मैंने चूड़ियों जैसे कुछ कड़े पहने हुए थे और अपने बालों को पीछे से बांधा हुआ था।

मधु ने ने कहा कि मुझे मेरे बालों के चलते सड़कों पर रोका जाता है। पुलिस अक्सर मेरी तलाशी लेती है। मुझे हर रोज पुलिसवाले कम से कम तीन बार रोक लेते हैं। मुझे एक क्रिमिनल के तौर पर देखा जाता है। लेकिन ये पहली बार है जब मुझे गिरफ्तार किया गया है।

मधु ने कहा कि पुलिस ने मुझसे पूछा था कि क्या तुमने अपना हुलिया देखा है? आखिर तुम ऐसे लुक और बालों के साथ बच्चों को कैसे पढ़ा लेते हो? मैंने उन्हें कहा था कि मैं एक आर्टिस्ट हूं और मैंने उन्हें अपने सारे दस्तावेज दिखाए थे। लेकिन उन्होंने मुझे कहा कि वे मुझे 'सीधा' करना चाहते हैं।

पुलिस ने इसके बाद मधु को अरेस्ट कर लिया था। गौरतलब है कि पाकिस्तान में 'आवारागर्दी' को क्राइम के तौर पर देखा जाता है। मधु ने कहा कि आवारागर्दी से जुड़े कानून ब्रिटिश राज के जमाने से हमारे देश में चले आ रहे हैं क्योंकि ब्रिटिश राज हम लोगों के चाल-चलन पर नियंत्रण रखना चाहता था लेकिन अफसोस कि ये कानून आज भी हमारे देश में लागू हैं।

मधु ने कहा कि लंबे बालों के लिए मुझे अरेस्ट करना साफ करता है कि पाकिस्तान में वर्गवादी समाज और असमानता भी काफी ज्यादा है। मसलन मैंने कितने लोग देखे हैं जिनके पास प्राइवेट कारें हैं और वे अपने बालों को अपनी मर्जी से कैसे भी रख लेते हैं लेकिन चूंकि मैं पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करता हूं तो मुझे अक्सर सड़कों पर रोका जाता है।

वही इस मामले में कराची के कल्चरल कमेंटेटर अहमर नकवी ने कहा कि 90 के दशक में पीएम नवाज शरीफ ने टीवी पर रॉक और पॉप म्यूजिक को बैन करा दिया था और मर्दों के लंबे बालों की आलोचना करते हुए कहा था कि पाक कल्चर को जींस जैकेट कल्चर से खतरा है।

उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा सुरक्षा कारणों से भी पाकिस्तान में लंबे बालों वाले लोगों को संदेह की निगाह से देखा जाता था क्योंकि कई तालिबानी पहले लंबे बाल रखा करते हैं हालांकि पिछले कुछ सालों में तालिबानियों का खतरा काफी कम हुआ है।

वही इस मामले में मधु का कहना है कि वे अपने बालों को नहीं कटवाएंगे और प्रोटेस्ट के तौर पर अपने बालों को लंबे करना ही पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर मैं भविष्य में अपने बालों को कटवाता भी हूं तो वो इसलिए क्योंकि मैं हेयरस्टायल में बदलाव चाहता हूं पर मैं कभी अपने बाल डर के चलते नहीं कटवाऊंगा।