पाकिस्तान में महिलाओं के खिलाफ अपराध और अत्याचार लगातार बढ़ता ही जा रहा है। यहां आम महिलाएं तो दूर महिला पुलिसकर्मी भी सुरक्षित नहीं। डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, "पंजाब के मुजफ्फरगढ़ जिले में लैंगिक अपराध अधिकारी के रूप में काम करने वाली एक महिला सब-इंस्पेक्टर का कथित तौर पर एक व्यक्ति ने अपहरण कर लिया और उसे प्रताड़ित किया। आरोपी ने महिला का यौन उत्पीड़न करने की भी कोशिश की, यह मामला रविवार को सामने आया।" हालांकि आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई है।

संदिग्ध ने महिला को अपनी कार में बैठने के लिए मजबूर किया और उसे चमन बाईपास के पास एक सुनसान इलाके में ले गया। उसने बार-बार सब-इंस्पेक्टर को अपनी पिस्तौल से धमकाते हुए उसके साथ बलात्कार करने की कोशिश की।

पुलिस प्रवक्ता वसीम खान गोपांग ने बताया कि सब-इन्सपेक्टर को घायल अवस्था में मुजफ्फरगढ़ जिला मुख्यालय (डीएचक्यू) अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने कहा, "घटना में शामिल संदिग्ध को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके द्वारा इस्तेमाल की गई कार भी जब्त कर ली गई है।"

'डॉन' की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बन गई है क्योंकि देश के विभिन्न हिस्सों से रोजाना बलात्कार, यौन उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं। मामलों की बढ़ती संख्या के बावजूद सरकार खामोश है और लोगों की सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठा रही है। यहां तक ​​कि नाबालिग लड़कियां भी स्कूलों और मदरसों में सुरक्षित नहीं हैं।

हाल ही में, रावलपिंडी में एक मदरसे की प्रिंसिपल और एक महिला शिक्षक के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था, जब एक छात्रा ने उन पर यौन उत्पीड़न और उसे प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था।