लगभग सभी देशों से कर्जा लेकर बैठे पाकिस्तान के अभी तक भी गरीबी दूर नहीं हुई है। पाक के हालात अभी भी वैसे के वैसे ही है। लेकिन अब कर्ज का बोझ ज्यादा होने के कारण कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिसके कारण पाक सरकार ने चौंका देने वाला फैसला लिया है। दरअसल में, पाक सरकार ने कर्जा उतारने के लिए सरकारी संपत्ति को बेचने के कानून को मंजूरी दे दी है।  


इसी कड़ी में सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए दूसरे देशों को सरकारी संपत्ति की आपात बिक्री के अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब कोई भी दूसरा देश बिना किसी बाधा के पाकिस्तान की सरकारी कंपनियों को खरीद सकेगा। इस कानून में सभी निर्धारित प्रक्रिया और नियामक जांच से परे जाकर सरकारी संपत्ति को दूसरे देशों को बेचने का प्रावधान किया गया है।


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अब किसी भी डील पर कोर्ट में सुनवाई नहीं

स्थानीय मीडिया में इस संबंध में आई खबरों में बताया गया कि, सरकार ने यह फैसला देश के दिवालिया होने के खतरे को टालने के लिए लिया है। अंतर सरकारी वाणिज्यिक हस्तांतरण अध्यादेश-2022 को संघीय मंत्रिमंडल ने गुरुवार को मंजूरी दे दी। इस अध्यादेश में प्रावधान किया गया है कि सरकार द्वारा संपत्ति या हिस्सेदारी दूसरे देशों को बेचने के खिलाफ दायर याचिका पर अदालत सुनवाई नहीं करेगी।

UAE कर रही बिजली कंपनी खरीदने की तैयारी

पाकिस्तान सरकार का यह फैसला तेल और गैस कंपनियों में हिस्सेदारी और सरकारी बिजली कंपनी को संयुक्त अरब अमीरात को 2 से 2.5 अरब डॉलर में बेचने के लिए लिया गया है ताकि दिवालिया होने के खतरे को टाला जा सके. अखबार ने कहा कि राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने अबतक इस अध्यादेश पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।


बचा है कुछ ही दिनों का विदेशी मुद्रा भंडार

खबर के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात ने मई महीने में पाकिस्तान के बैंकों में नकदी जमा करने से इनकार कर दिया था क्योंकि वह पहले के कर्जे की अदायगी नहीं कर सका है। बता दें कि पाकिस्तान में पिछले 4-5 महीने से भंकर संकट चल रहा है। देश दीवालिया होने की कगार पर है. उसके पास कुछ ही दिनों का विदेशी मुद्रा भंडार बचा है। यही वजह है कि उसने यात पर कई तरह के प्रतिबंध लगा रखे हैं।