नई दिल्ली। पाकिस्तान के मुरीद में स्थित एयरफोर्स बेस पर एक हमलावर ड्रोन दिखाई दिया। सैटेलाइट ने इन तस्वीरों को कैप्चर किया। लेकिन सैटेलाइट तस्वीरों को पढ़ने वाले रक्षा विशेषज्ञों ने बताया कि ये तुर्की में बना Bayraktar TB2 ड्रोन है। यह निगरानी करने के साथ-साथ हमला करने में सक्षम है। यह बम और मिसाइल गिरा सकता है। सैटेलाइट तस्वीरों में स्पष्ट तौर पर दो ग्राउंट कंट्रोल स्टेशन दिख रहे हैं। हालांकि, तीन बेरक्तार टीबी2 ड्रोन को कंट्रोल करने के लिए एक ही स्टेशन काफी है। लेकिन यहां पर दो दिख रहे हैं। यानी पाकिस्तान के पास ऐसे ड्रोन्स की संख्या ज्यादा हो सकती है। यानी पाकिस्तान के पास 2 से 6 ड्रोन्स हो सकते हैं। हाल ही में उनकी उड़ान भी हुई है, जिसे 'रेडर'  नाम दिया गया है।

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मुरीद में स्थित पाकिस्तान एयर बेस में कई और ड्रोन्स मौजूद हैं। जैसे- शाहपार, फाल्को और बुर्राक। हाल ही में शाहपार-2 को भी ले जाते हुए देखा गया था। इस बेस पर पाकिस्तान के छोटे ड्रोन्स का स्टेशन है। लेकिन  बेरक्तार टीबी 2 छोटा नहीं बल्कि मीडियम-एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (MALE) अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल है। यानी यह युद्ध लड़ने में सक्षम है। आइए जानते हैं अब इस बेरक्तार टीबी 2 को तुर्की की बेकार कंपनी ने बनाया है। इसकी पहली उड़ान साल 2014 में हुई थी। तब से तुर्की समेत कई देश इसका उपयोग कर रहे हैं। पूरी दुनिया में ऐसे 300 ड्रोन्स हैं। इसे मैसाच्यूसेट्स इंस्टीट्यूड ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) के ग्रैजुएट स्टूडेंट सेलक बेरक्तार ने डिजाइन किया था।

तीन बेरक्तार टीबी 2 Bayraktar TB2 ड्रोन्स को संभालने के लिए एक ही ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन की जरूरत होती है। इसका विंगस्पैन 39।4 फीट है। इसका वजन 700 किलोग्राम है। इसमें 150 किलोग्राम का पेलोड लगाया जा सकता है। यह अधिकतम 220 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से उड़ सकता है। हालांकि सामान्य तौर पर निगरानी के दौरान इसकी गति 130 किलोमीटर प्रतिघंटा रहती है। इसकी रेंज 4 हजार किलोमीटर है। यानी इतनी दूरी तक हमला या जासूसी करने जा सकता है। बेरक्तार टीबी 2 ड्रोन अधिकतम 25 हजार फीट की ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है। लेकिन आमतौर पर ऑपरेशन 18 हजार किलोमीटर तक ही जाता है। लगातार 27 घंटे की उड़ान भर सकता है। इसमें कई तरह के बम और मिसाइल सिस्टम लगाए जा सकते हैं।

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इसमें MAM गाइडेड बम लगाए जा सकते हैं। लॉन्ग रेंज एंटी टैंक मिसाइल और 70 मिमी का Roketsan Cirit रॉकेट लगाए जा सकते हैं। इसके अलावा बोजोक लेजर गाइडेड रॉकेट्स या 81 मिमी के टोगन मोर्टार्स भी तैनात किए जा सकते हैं। इसके अलावा 70 मिमी के लेजर गाइडेड रॉकेट्स यानी एडवांस्ड प्रेसिशन किल वेपन सिस्टम लगाने की योजना है। बेरक्तार टीबी 2 ड्रोन में इंटरचेंडेबेल EO/IR/LD इमेजिंग और टारगेटिंग सेंसर सिस्टम लगे हैं। इसके अलावा मल्टी-मोड AESA रडार लगे हैं। जैसे- Aselsan, WESCAM और GARMIN। फिलहाल इस ड्रोन का उपयोग 11 देश कर रहे हैं। जिसमें तुर्की, पाकिस्तान और यूक्रेन भी शामिल हैं।