पाकिस्तान को शाहीन-3 मिसाइल परीक्षण करना भारी पड़ गया क्योंकि वो अपने ही लोगों पर गिर गई। अमेरिका में जब जो बाइडेन 46वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ले रहे थे उससे कुछ घंटे पहले पाकिस्तान ने बैलेस्टिक मिसाइल शाहीन-3 के सफल परीक्षण की घोषणा की। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि शाहीन-3 तकनीक और वेपन सिस्टम के मामले में आधुनिक है। प्रधानमंत्री इमरान खान ने इसे लेकर अपने वैज्ञानिकों को बधाई दी है।

बलूचिस्तान रिपब्लिकन पार्टी ने ट्वीट कर बताया कि पाकिस्तान आर्मी ने बुधवार को शाहीन-3 मिसाइल का परीक्षण किया। ये मिसाइल डेरा गाजी खान के राखी इलाके से दागी गई और डेरा बुग्ती में रिहाइशी इलाके में आकर गिरी।

बलूचिस्तान रिपब्लिकन पार्टी के प्रवक्ता शेर मोहम्मद बुग्ती ने भी मिसाइल परीक्षण के दौरान लोगों के जख्मी होने की बात कही। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान की सेना ने बलूचिस्तान को प्रयोगशाला बनाकर रख दिया है। आर्मी ने शाहीन 3 का परीक्षण डेरा गाजी खान इलाके में किया और ये डेरा बुग्ती इलाके में आकर गिरी। यह रिहाइशी इलाका है। ये मिसाइल आम लोगों की मौजूदगी में दागी गई। इसमें दर्जनों घर तबाह हो गए और कई लोग जख्मी हुए हैं।

बुग्ती ने दूसरे ट्वीट में लिखा है कि बलूचिस्तान हमारी मातृभूमि है। ये कोई प्रयोगशाला नहीं है। हम सभी पीड़ित देशों से अपील करता हूं कि वे पाकिस्तानी सेना के इस मिलाइल परीक्षण के खिलाफ आवाज उठाएं।

बलूचिस्तान की एक मानवाधिकार कार्यकर्ता फजीला बलोच ने ट्वीट कर कहा कि पाकिस्तान हमेशा से बलूचिस्तान में अपने खतरनाक हथियारों का परीक्षण करता रहा है। आज उन्होंने शाहीन 3 मिसाइल का परीक्षण किया जो डेरा बुग्ती में आकर गिरी। इससे कई लोग घायल हो गए। फजीला ने इस ट्वीट में कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की हैं, जिसमें उन्होंने दावा किया है कि ये 1998 में पाकिस्तानी के परमाणु मिसाइल परीक्षण के दौरान घायल हुए थे।

पाकिस्तान की सेना ने कहा है कि शाहीन-3 की मारक क्षमता 2750 किलोमीटर है। विश्लेषकों के मुताबिक पाकिस्तान की मिसाइल मध्य-पूर्व के कुछ हिस्सों समेत भारत में अपने टारगेट तक पहुंच सकती है। सेना ने कहा कि स्ट्रैटेजिक प्लान्स डिवीजन एसपीडी और टॉप कमांडर भी मिसाइल के सफल परीक्षण के गवाह बने। हालांकि सेना ने इसे लेकर ज्यादा जानकारी शेयर नहीं की। पाकिस्तान के अधिकारियों ने एक्सप्रेस ट्रिब्यून से कहा कि आत्म रक्षा की नीति के तहत ये परीक्षण किया गया है और इसका प्रमुख केंद्र भारत है।

जो बाइडेन के शपथ ग्रहण समारोह से महज कुछ घंटे पहले पाकिस्तान ने मिसाइल परीक्षण किया। कहा जा रहा है कि पाकिस्तान ने परीक्षण के लिए इस वक्त को इसलिए चुना ताकि वो बाइडेन सरकार पर दबाव बना सके। पाकिस्तान चाहता है कि बाइडेन प्रशासन भारत सरकार पर पाकिस्तान से बातचीत शुरू करने के लिए दबाव बनाए।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा कि उनकी सरकार बाइडेन प्रशासन को ये पैगाम देना चाहती है कि इस्लामाबाद आर्थिक संपन्नता को बढ़ावा देने के लिए क्षेत्रीय शांति चाहता है। पाकिस्तान-अमेरिका के संबंधों पर चर्चा करने के लिए आयोजित किए गए एक वेब सेमिनार में कुरैशी ने कहा कि हम भारत के साथ स्वस्थ और अच्छे संबंध चाहते हैं लेकिन भारत की वर्तमान सरकार ने अपने कामों से पूरा माहौल खराब कर दिया है। हम अमेरिका को बताना चाहते हैं कि हम शांति के पक्ष में हैं। हम बातचीत से बिल्कुल नहीं हिचकिचाते हैं लेकिन भारत की तरफ से जिस तरह का माहौल बनाया जा रहा है वो बहुत अच्छा नहीं है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी लगातार भारत पर झूठे आरोप मढ़ते रहते हैं। इमरान खान ने कहा था कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ फर्जी ऑपरेशन चला सकता है। भारतीय वायु सेना की बालाकोट स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान को डर सताता रहता है कि भारत कभी भी आतंकवाद के अड्डों को तबाह कर सकता है।