अफगानिस्तान पर तालिबानियों का राज हो चुका है। अफगानिस्तानी लोग अपनी आजादी के लिए तालिबान के खिलाफ सड़कों पर उतर चुके हैं। तालिबान कुछ देशों के सपोर्ट पर ज्यादा आतंक फैलाने में लग गया है। अफागनियों पर जुल्म कर रहा है। तालिबान के समर्थन जो देश हैं वो सबसे पहले पाकिस्तान हैं। पाकिस्तान का रवैया किसी से छुपा नहीं है।

यह बात को साबित करता है कि आतंक के पीछे पाकिस्तान बहुत आगे हैं। यह साबित ऐसे होता है कि पाक के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के अफगानिस्तान जाने की संभावना है।बता दें कि तालिबान के कब्जे के बाद काबुल की किसी भी देश के मंत्री की यह पहली यात्रा होगी। यह जानकारी उस समय सामने आई जब कुरैशी ने कहा कि पाकिस्तान अफगानिस्तान में “सकारात्मक भूमिका” निभाने के लिए दृढ़-संकल्पित है।जानकारी मिली है कि उन्होंने तालिबान विद्रोहियों और युद्ध से तबाह देश के पूर्व नेताओं से आपसी विचार-विमर्श के बाद एक सर्व-समावेशी राजनीतिक सरकार बनाने का भी आग्रह किया कुरैशी ने कहा कि “ कोई भी अफगानिस्तान में खून खराबे का सामना करने के लिए तैयार नहीं है और लोग देश में शांति और स्थिरता की तलाश कर रहे हैं, जिसे तालिबान विद्रोहियों ने अपने कब्जे में ले लिया है। कुरैशी ने आगे कहा कि अफगानिस्तान में पाकिस्तानी राजदूत भी तमाम अफगान हस्तियों के संपर्क में हैं ”।