पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने मंगलवार को कहा कि भारत द्वारा मलेशिया के साथ पाम तेल व्यापार पर लगाए गए प्रतिबंधों के कारण मलेशिया को जो आर्थिक नुकसान हुआ है, पाकिस्तान अपनी तरफ से उसकी भरपाई की कोशिश करेगा। पुत्रजय में महाथिर और इमरान की बैठक के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया जिसमें इमरान ने यह बात कही।

भारत, मलेशियाई पाम ऑयल का सबसे बड़ा ग्राहक रहा है। लेकिन, महाथिर मोहम्मद द्वारा कश्मीर मुद्दे व नागरिकता कानून पर नरेंद्र मोदी सरकार की आलोचना के बाद भारत ने मलेशिया से पाम ऑयल की खरीदारी पर प्रतिबंध लगाए हैं। इमरान ने कश्मीर मुद्दा उठाने के लिए महाथिर मोहम्मद को धन्यवाद दिया। उन्होंने महाथिर को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘जिस तरह से आप हमारे पक्ष में खड़े हुए हैं और कश्मीर में ‘अन्याय’ के खिलाफ आवाज उठाई है, उसके लिए हम आपके शुक्रगुजार हैं।’’ इमरान ने पिछले साल दिसंबर में क्वालालंपुर में आयोजित सम्मेलन में शामिल नहीं हो पाने पर खेद व्यक्त किया।

खान ने कहा, ‘‘कुछ देशों और हमारे दोस्तों में यह गलत अवधारणा थी कि सम्मेलन से मुस्लिमों में विभाजन हो जाएगा। जबकि, यह बात थी ही नहीं। मुझे लगता है कि यह मुस्लिम राष्ट्रों की जिम्मेदारी है कि वे पश्चिमी देशों और अन्य देशों को इस्लाम के बारे में बताएं। मैं कहना चाहता हूं कि दिसंबर में कुआलालंपुर में हुए सम्मेलन में शामिल नहीं होकर मैं बेहद दुखी हुआ था।’’ उन्होंने कहा कि इस्लाम की सकारात्मक छवि प्रसारित करने के लिए मलेशिया और पाकिस्तान संयुक्त मीडिया परियोजना पर काम कर रहे हैं। संवाददाता सम्मेलन में महाथिर ने कहा, ‘‘हम प्रमुख क्षेत्रों में रुकावटों को हटाकर व्यापारिक संबंध मजबूत करने के लिए लगातार वार्ता करने की जरूरत पर सहमत हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री इमरान के साथ अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। हम आपसी हितों के मामलों को भी हर स्तर पर बढ़ावा देने पर सहमत हुए।’’ पुत्रजय में दोनों देशों के बीच प्रतिनिधि स्तर पर भी वार्ता हुई, जिसमें दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों और व्यापार, अर्थव्यवस्था और पर्यटन में अपने रिश्तों को बढ़ावा देने पर चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों के बीच अपराधियों के प्रत्यर्पण को लेकर एक समझौते पर हस्ताक्षर हुए। इमरान और महाथिर, दोनों नेताओं ने इस समझौते को आतंकवाद व अन्य अपराधों पर लगाम लगाने की दिशा में दूरगामी महत्व का करार दिया। अगस्त 2018 में प्रधानमंत्री बनने के बाद अपने दूसरे मलेशिया दौरे पर खान के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आया है। इसमें विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी, योजना मंत्री असद उमर, वित्त सलाहकार रज्जाक दाऊद, विदेश सचिव सोहैल महमूद और अन्य लोग शामिल हैं।

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