भारत से कश्मीर छीनने की योजना बनाकर कारगिल युद्ध थोपने वाले पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को सजा ए मौत मिली है। उनको यह सजा पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट की विशेष बैंच ने सुनाई है। आपको बता दें कि ये वो ही मुशर्रफ है जिन्होंने सेना का जनरल रहते हुए अपने ही देश के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को बिना बताई भारत से कश्मीर छीनने के लिए योजना बनाई थी और कारगिल युद्ध थोपा था। हालांकि इस युद्ध में भारत ने पाकिस्तानी सेना की लाशों के ढ़ेर लगा दिए और उसकी इंटरनेशनल बेइज्जती हुई थी।

पाकिस्तान के लाहौर में आयोजि हुए एक साहित्य उत्सव में इस बात का खुलासा ‘फ्रॉम करगिल टू द कू : इवेंट्स दैट शूक पाकिस्तान’ पुस्तक की लेखिका नसीम जेहरा ने किया था। उन्होंने कुछ जनरलों की भूमिका के बारे में विस्तार से चर्चा की थी जिन्होंने अक्टूबर/नवंबर 1998 में कारगिल ऑपरेशन की योजना बनाई थी। भारत के खिलाफ 1999 के करगिल युद्ध की योजना बनाने वाले कुछ पाकिस्तानी जनरलों ने तत्कालीन सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ की सराहना करते हुए कहा है कि वह इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए अपने पूर्वाधिकारियों की तुलना में कहीं अधिक साहसी थे।

कारगिल युद्ध की योजना के लिए जनरल मुशर्रफ और तीन अन्य जनरलों की बातचीत का जिक्र करते हुए जेहरा ने कहा था कि यदि कारगिल ऑपरेशन इतना ही आसान था तो यह पहले क्यों नहीं कर लिया गया? एक जनरल ने जवाब दिया कि आपसे (मुशर्रफ से) ज्यादा कोई भी जनरल साहसी नहीं था और सिर्फ आप (मुशर्रफ) ही इसे अंजाम दे सकें। तीनों जनरलों ने यह भी कहा कि इस ऑपरेशन में उन्होंने अपनी जान खतरे में डाली थी।

उन्होंने लिखा है कि जब नवाज शरीफ को कारगिल ऑपरेशन शुरू किए जाने के बाद इस बारे में बताया गया, तब उनसे कहा गया था कि आप कश्मीर के विजेता बन जाएंगे। इस पर विदेश मंत्री ने हस्तक्षेप किया और कहा कि कश्मीर मुद्दे पर दोनों देशों के बीच वार्ता जारी है, तब जनरल ने कहा आप बातचीत के जरिए कश्मीर कैसे ले सकते हैं।

जेहरा ने कहा था कि जब रक्षा सचिव ने शरीफ को यह बताया कि पाकिस्तान नियंत्रण रेखा (एलओसी) को पार कर गया है , तब उन्होंने आश्चर्य जताया था। उन्होंने कहा था कि शरीफ ने तब ऑपरेशन का समर्थन किया क्योंकि यह राष्ट्र हित में था। हालांकि बाद में भारत के मुंहतोड़ जवाब पर शरीफ अमेरिका रवाना हो गए जहां तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन ने उनसे कहा था कि आपको कारगिल से बाहर निकलना होगा और भारत की विजय हुई।

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को मौत की सजा सुनाई गई है। पाकिस्तान की विशेष अदालत ने पूर्व सैन्य शासक को राजद्रोह के मामले में दोषी करार देते हुए मौत की सजा सुनाई। पूर्व राष्ट्रपति के खिलाफ मामले की सुनवाई पेशावर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश वकार अहमद सेठ के नेतृत्व वाली विशेष अदालत की तीन सदस्यीय पीठ ने की है। 

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