भोंग गांव में गणेश मंदिर पर हमले और तोडफ़ोड़ की घटना को लेकर पाकिस्तान के चीफ जस्टिस गुलजार अहमद ने शुक्रवार को पंजाब के पुलिस प्रमुख को जमकर फटकार लगाई। पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के एक पाकिस्तानी सांसद और हिंदू समुदाय के नेता रमेश कुमार वंकवानी से मुलाकात के बाद चीफ जस्टिस ने भोंग गांव में मंदिर पर हमले का स्वत: संज्ञान लिया और सुनवाई के दौरान आदेश दिया कि घटना में शामिल आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। उन्होंने 8 साल के हिंदू लडक़े को गिरफ्तार करने वाले पुलिसकर्मी को भी हटाने का आदेश दिया है। 

चीफ जस्टिस ने अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की और यह भी सवाल किया कि यदि इस तरह का हमला मस्जिद पर हुआ होता तो मुसलमान क्या करते? मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस गुलजार ने घटना पर चिंता जाहिर करते हुए चीफ जस्टिस ने पंजाब के मुख्य सचिव और आईजीपी को रिपोर्ट के साथ कोर्ट में हाजिर होने को कहा था। केस की अगली सुनवाई 13 अगस्त को होगी। आज की सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस ने घटना पर नाराजगी जाहिर करते हुए पुलिस को फटकार लगाई और कहा कि इस हमले ने पूरी दुनिया में पाकिस्तान की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

सीजेपी ने कहा कि भीड़ मंदिर को तोड़ती रही और पुलिस मूक दर्शक बनी रही। उन्होंने पूछा, ‘पुलिस प्रशासन क्या कर रहा था?’ इस पर आईजीपी इनाम घनी ने कहा कि असिस्टेंट कमिश्नर और एएसपी मौके पर मौजूद थे। प्रशासन की प्राथमिकता मंदिर के पास रहने वाले 70 परिवारों को सुरक्षा प्रदान करनी थी। उन्होंने कहा, ‘एफआईआर में आतंकवाद की धारा जोड़ दी गई है।’ चीफ जस्टिस ने कहा, ‘यदि डिप्टी कमिश्नर और डीपीओ अपना काम नहीं कर सकते हैं तो उन्हें बर्खास्त कर दिया जाए।’ जब जस्टिक काजी अमीन ने अभी तक पुलिस की ओर से उठाए गए कदम की जानकारी मांगी तो आईजी इनाम घनी ने कोर्ट को बताया कि अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अडिशनल अटॉर्नी सोहेल महमूद ने कहा कि पीएम इमरान खान ने इस घटना का का संज्ञान लिया है। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा कि घटना का फोकस केस के कानूनी परिदृश्य पर होगा। सीजेपी ने हमलावर भीड़ में से किसी की गिरफ्तारी नहीं होने पर नाराजगी जताई और 8 साल के हिंदू बच्चे को गिरफ्तार करने वाले एसएचओ को निलंबित करने का आदेश दिया।

चीफ जस्टिस ने गिरफ्तार किए गए 8 वर्षीय हिंदू बच्चे के बारे में भी पूछताछ कि जिसे मस्जिद की लाइब्रेरी में पेशाब करने की वजह से पुलिस ने हवालात में डाल दिया है। इसी घटना के विरोध में भीड़ ने मंदिर पर हमला किया था। पंजाब पुलिस प्रमुख ने बेंच को बताया कि बच्चे को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया है। इस पर चीफ जस्टिस ने कहा, ‘आप 8 साल के एक बच्चे से क्या उम्मीद करते हैं? 8 साल का बच्चा धर्म के बारे में क्या जानता है? क्या पुलिस को एक बच्चे की मानसिकता का कोई अंदाजा है?’