कट्टरपथियों से परेशान होकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि इस्लाम का गलत इस्तेमाल हो रहा है। यह बात कह कर उन्होंने अपने देश के राजनीतिक दलों और धार्मिक गुटों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों और धार्मिक गुटों ने देश को नुकसान पहुंचाने के लिए इस्लाम का दुरुपयोग किया। इमरान खान ने कहा कि वो पैगंबर मोहम्मद के मामले को अंतरराष्ट्रीय फोरम पर उठाने के लिए अन्य मुस्लिम देशों के साथ मुहिम शुरू करने वाले हैं।

तहरीक-ए-लब्बैक के हिंसक प्रदर्शनों की तरफ इशारा करते हुए पीएम इमरान खान ने कहा पाकिस्तान में यह एक बड़ा दुर्भाग्य है कि कई बार हमारे राजनीतिक दल और धार्मिक दल इस्लाम का गलत तरीके से इस्तेमाल करते हैं और इसका इस्तेमाल ऐसे करते हैं कि वे अपने ही देश को नुकसान पहुंचाते हैं।

इमरान खान ने कहा कि पाकिस्तान के लोग पैगंबर मोहम्मद से प्यार करते हैं। लेकिन कई बार मैं दुखी हो जाता हूं जब इस प्यार का गलत इस्तेमाल किया जाता है। क्या सरकार इसे लेकर चिंतित नहीं हैण् क्या जब पैगंबर मोहम्मद का अनादर होता है तो हमें तकलीफ नहीं होती है।

इमरान खान ने यह टिप्पणी तब की जब पाकिस्तान में पिछले कई दिनों से तहरीक-ए-लब्बैक के नेता साद रिजवी की गिरफ्तारी के विरोध में कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन चल रहा है। इस संगठन की मांग है कि पाकिस्तान में फ्रांस के राजदूत को वापस भेजा जाए।

पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बैक ने रविवार को लाहौर में 11 पुलिसकर्मियों को बंधक बना लिया था। काफी बातचीत के बाद इन पुलिसकर्मियों को सोमवार को छोड़ा गया था। पुलिसकर्मियों को बंधक बनाने की घटना की तरफ इशारा करते हुए इमरान खान ने कहा कि ऐसे कदमों से इस्लाम का भला होने वाला नहीं है। उन्होंने कहा कि इससे उस देश का कोई नुकसान नहीं हुआ जहां ईशनिंदा की घटना हुई बल्कि इससे पाकिस्तान को ही नुकसान हुआ है।

ईशनिंदा जैसे मुद्दों को यूरोपीय संघ और संयुक्त राष्ट्र जैसे इंटरनेशनल फोरम के सामने उठाने के लिए कदम उठाने को लेकर इमरान खान से अपना संकल्प दोहराया। उन्होंने इसके लिए मुस्लिम देशों के एक साथ आने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक समय आएगा जब पश्चिमी देशों के लोग पवित्र पैगंबर का अनादर करने के बारे में दो बार सोचेंगे।

पाकिस्तान में जारी प्रदर्शनों में इमरान खान ने कहा कि अपने ही देश में सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, तोड़फोड़ करने का कोई मतलब नहीं है। हम उस देश को चोट नहीं पहुंचा रहे हैं जहां अपराध होता हैए हम अपने ही देश को नुकसान पहुंचा रहे हैं। हमें अन्य मुस्लिम देशों को एकजुट करने और संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के सामने अपना मामला पेश करने की आवश्यकता है।

पाकिस्तान में प्रतिबंधित कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक फ्रांस में पिछले साल प्रकाशित एक कार्टून को ईशनिंदा का उदाहरण बताते हुए फ्रांसीसी राजदूत को निष्कासित करने की अपनी मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन कर रहा है। इसमें पाकिस्तान में सार्वजनिक संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है।

तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान पार्टी अपने नेता साद रिजवी की गिरफ्तारी का भी विरोध कर रही है और प्रधानमंत्री इमरान खान पर रिजवी को तुरंत रिहा करने का दबाव बना रही है। इस संगठन के हिंसक प्रदर्शन के चलते फ्रांस ने अपने नागिरकों को फौरन पाकिस्तान छोड़ने की हिदायत दी थी।