केंद्रीय कानून मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने रविवार को राजधानी के सिरी फोर्ट सभागार में पाकिस्तान, बांगलादेश और अफगानिस्तान से आए गैर हिंदु, सिख, जैन, ईसाई और बौद्ध शरणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि अब दुख के बादल छंट गए हैं और वे भारत में इज्जत के साथ सिर ऊंचा उठाकर कर रह सकते हैं तथा देश उनके साथ खड़ा है।


राजधानी के सिरी फोर्ट सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में तीनों पड़ोसी देशों से भारी संख्या में अपने परिवारों के साथ आए हुए आए शरणार्थीयों ने कार्यक्रम के दौरान 'जय श्री राम' और 'मोदी है तो मुमकिन है' के नारे भी लगाये। इंद्रप्रस्थ विश्व हिंदू परिषद द्वारा नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर आयोजित 'संभ्रम से सच की ओर' विषय कार्यक्रम में प्रसाद ने कहाए 'तीन पड़ोसी इस्लामिक देशों में गैर मुस्लिमों पर अमानवीय जुल्म ढ़ाए गए। ये सभी लोग वहां से दुखी हो कर भारत आए हैं। इन लोगों को नागरिकता देने का विरोध और रोहिंग्या की चिंता कर रहे लोग केवल वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। सीएए से किसी भारतीय नागरिक की नागरिकता नहीं छीन रहा है। लोकतंत्र में शांति पूर्ण प्रदर्शन और विरोध का अधिकार सबको है लेकिन भारत की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने वाले को किसी भी हाल में नहीं बख्शा जाएगा।'


कानून मंत्री ने कहा कि विश्व हिंदु परिषद (वीएचपी) इन लोगों के हितों और कल्याण में बरसों से लगी है। परिषद की जितनी प्रशंसा की जाए, कम है। उन्होंन ने पाक पीडि़त हिन्दू की एक नवजात बच्ची जिसका नाम ही 'नागरिकता' रखा गया है, को उसकी मां आरती के साथ मंच पर बुला कर कन्या के रूप में उसका सम्मान करते हुए लाल चुनरी उढ़ायी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय नवजागरण की पाक्षिक पत्रिका 'हिन्दू विश्व' के 'नागरिकता कानून' विशेषांक का विमोचन भी किया गया।


विश्व हिंदू परिषद के कार्याध्यक्ष अधिवक्ता आलोक कुमार ने कहा कि तीन पड़ोसी मुस्लिम देशों से प्रताड़ति हो कर भारत आए शरणागतों को भारतीय नागरिकता देना अटल निर्णय है, इसको बदलेंगें नहीं। यदि इसका विरोध करने वालों ने हिंसा करने का मन बना ही लिया है तो केन्द्र सरकार और समाज दोनों ही इसका सामना करने में सक्षम हैं। सीएए का विरोध करने वालों से, पाकिस्तान में ननकाना साहिब गुरुद्वारे की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि यदि पाकिस्तान की बिटिया जगजीत भारत में शरण मांगेगी तो तुम्हारा क्या जवाब होगा? उन्होंने कहा कि कांग्रेसी नेता प्रियंका गांधी सीएए के खिलाफ हुए हिंसक प्रदर्शन करने वालों के घर तो उनका हाल चाल पूछने जाती हैं लेकिन आज तक कभी पाकिस्तान, बंगलादेश और अफगानिस्तान से आए पीडि़त हिंदू और सिख शरणार्थी शिविरों में नहीं गयी।


राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इन्द्रेश कुमार ने गत 1500 वर्षों के इतिहास का वर्णन करते हुए कहा कि हमने विदेशों से आए अनेक धर्मावलम्वियों एवं मत-मतान्तर के लोगों को शरण, सहायता व सहोदर के भाव के साथ अंगीकार किया किन्तु आज बड़ा दुर्भाग्य है कि कुछ लोग मात्र अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए पीडि़तों को न्याय देने का भी विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सीएए को लेकर हो रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान सहित किसी भी देश ने यह नहीं कहा कि हमारे यहां अल्पसंख्यकों को प्रताडि़त नहीं किया जाता। इसके अलावा दुनियाभर के किसी भी यहूदी, ईसाई, मुस्लिम या बौद्ध देश ने यह नहीं कहा कि उक्त तीनों देशों के अल्पसंख्यकों को वे अपने यहां की नागरिकता देंगे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शनों की आड़ में कोई हिंसक, अराजक, असंवैधानिक, अशिष्ट या राष्ट्रद्रोही व्यवहार करे तो भारत कदापि स्वीकार नहीं करेगा।


विहिप दिल्ली के उपाध्यक्ष सुरेन्द्र गुप्ता द्वारा संचालित इस कार्यक्रम को महा मंडलेश्वर पूज्य स्वामी प्रज्ञानंद जी महाराज, साधना समाचार समूह के अध्यक्ष राकेश गुप्ता एवं विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी सम्बोधित किया। इस कार्यक्रम में जैनाचार्य श्री लोकेश मुनि, विश्व हिन्दू परिषद् के अंतर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ओम प्रकाश सिंहल, क्षेत्रीय संगठन मंत्री मुकेश खाण्डेकर, प्रांत अध्यक्ष कपिल खन्ना, कार्याध्यक्ष वागीस इस्सर, उपाध्यक्ष महावीर प्रसाद व वैभव शर्मा, महा-मंत्री बच्चन सिंह, हिन्दू विश्व के सह-सम्पादक मुरारी शरण शुक्ल के अलावा अनेक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित थे।