असम के 3000 गांवो को धुंआरहित बनाने के लिए इंडियन अाॅयल 6.50 लाख एलपीजी कनेक्शन मुहैया करवाएगी। जिसका मकसद असम के 3000 गांवो को स्मोकलेस बनाना है। कंपनी का लक्ष्य है कि वह पांच मर्इ तक अपने इस लक्ष्य को पूरा करें आैर असम के 3000 गांव स्मोकलेस बन सके।

जिसके लिए इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन शुक्रवार को राज्यभर में 296 ‘एलपीजी पंचायतों’ का आयोजन करेगी। इसका मकसद लोगों के बीच घरेलू रसोई गैस के उपयोग के बारे में जागरुकता फैलाना और नए कनेक्शन सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम में प्रदेश की 500-700 महिलाएं हिस्सा लेंगी जो अपना अनुभव शेयर करेंगी आैर एलपीजी  के महत्व को बताएंगी।

बता दें कि कंपनी के असम आयल डिवीजन के मुख्य महाप्रबंधक उत्तिया भट्टाचार्य ने पत्रकारों से कहा कि पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने 20 अप्रैल को ‘उज्ज्वला दिवस’ आयोजित करने का निर्णय किया है। यह ग्राम स्वराज अभियान का हिस्सा है जिसके तहत 296 एलपीजी पंचायतें आयोजित की जाएंगी।
इंडियन ऑयल का प्रयास असम के 27 जिलों के 3,042 गांवों को धुंआ रहित बनाने का है। ग्राम स्वराज अभियान के तहत यहां घरेलू रसोई गैस के नए कनेक्शन दिए जाने हैं। यह अभियान 14 अप्रैल को शुरू किया गया जो पांच मई तक चलेगा। असम में अभी कुल 64.8% आबादी के पास गैस कनेक्शन है जो अनुमानित आधार पर 71.39 लाख परिवार होते हैं। पिछले वित्त वर्ष में 14.50 लाख नए कनेक्शन भी दिए गए हैं।