असम में फिर से आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ से जान माल का भारी नुकसान हुआ है। पिछले 24 घंटों में बाढ़ जनित हादसों में 10 और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही मरने वालों की संख्या बढ़कर 49 हो गई है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। जुलाई के आखिर में फिर से आई बाढ़ से असम के 24 जिलों के 30 लाख लोग प्रभावित हैं।

असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक गुरुवार तक राज्य के 24 जिलों के 2,584 गांवों के 31 लाख 54 हजार 882 लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। अधिकारियों के मुताबिक करीब दो लाख हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न है। धेमाजी, सोनितपुर, बारपेटा, धुबरी,दक्षिण सलमारा, मोरीगांव और नगांव जिलों में 10 मौतें हुई है। पूरे राज्य में जिला प्रशासन की ओर से खोले गए 235 राहत शिविरों में करीब 1, 01,0135 लोग रह रहे हैं।

बाढ़ के कारण राज्य के मशहूर काजीरंगा नेशनल पार्क में कुल 140 जानवर मारे गए हैं। इनमें सात गैंडे भी शामिल है। काजीरंगा नेशनल पार्क 481 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। पार्क का 80 फीसदी हिस्सा बाढ़ के पानी में डूबा हुआ है। 10 अगस्त से लेकर अब तक 7 गैंडे, दो हाथी, एक भैंसा ,तीन जंगली सुअर, दो हॉग हरिण,तीन सांभर हरिण,122 स्वैम्प हरिण और एक साही मारा गया है।

यह जानकारी गुरुवार को काजीरंगा नेशनल पार्क के डिविजनल फॉरेस्ट ऑफिसर(डीएफओ) रोहिनी बाल्लव ने दी। अधिकारी ने कहा कि हर रोज कंकाल बरामद हो रहे हैं। 7 में से 6 गैंडों की मौत डूबने से मौत हुई जबकि एक की प्राकृतिक कारणों से हुई। बल्लाव ने कहा कि 10 अगस्त को डिफ्लू नदी के जरिए ब्रह्मपुत्र नदी का पानी यूनेस्को के विश्व विरासत स्थल काजीरंगा नेशनल पार्क, में घुस गया।

अधिकारी ने कहा कि इस वक्त काजीरंगा नेशनल पार्क के जानवर राष्ट्रीय राजमार्ग 37 के दोनों ओर उपलब्ध खाने की तलाश में भाग रहे हैं। वन विभाग और सुरक्षा कर्मी राष्ट्रीय राजमार्ग 37 के जरिए पार्क से जाने वाले वाहनों की स्पीड लिमिट को रोकने के लिए होर्डिंग्स,पोस्टर्स, बैनर्स लगा रहे हैं। पार्क में वाहनों की रफ्तार 20 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटे होनी चाहिए।