दुनिया में एवियन इन्फ्लुएंजा का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है। कई पक्षियों की मौत हो चुकी है। अभी भी इसका सिलसिला जारी है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए भारत सरकार ने देश के कुछ हिस्सों में बर्ड फ्लू या एवियन इन्फ्लुएंजा के बाद सभी राज्यों को अलर्ट पर रहने को कहा है। पशुपालन और डेयरी विभाग ने भी स्थिति पर नजर रखने के लिए और राज्य के अधिकारियों द्वारा किए गए निवारक उपायों का जायजा लेने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में एक नियंत्रण कक्ष स्थापित किया है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और केरल से एक इन्फ्लुएंजा की सूचना दी गई है।


सरकारी अधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार ने रोग को रोकने और एवियन इन्फ्लुएंजा पर कार्य योजना के अनुसार इसके प्रसार को रोकने के लिए कई उपाय सुझाए हैं। निवारक उपायों में पोल्ट्री फार्मों की जैव सुरक्षा को मजबूत करना, प्रभावित क्षेत्रों की कीटाणुशोधन, मृत शवों का उचित निपटान शामिल है। समय पर संग्रह और पुष्टि के लिए नमूने जमा करना, निगरानी तेज करना और सामान्य दिशानिर्देशों का पालन करना है। केंद्र ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे एविएन इन्फ्लुएंजा के प्रभावित पक्षियों से लेकर मुर्गी और मनुष्यों तक फैलने से रोकने के लिए इन उपायों का यत्नपूर्वक पालन करें।


जानकारी के लिए बता दें कि इस बात का कोई प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं है कि दूषित पोल्ट्री उत्पादों की खपत के माध्यम से एआई वायरस मनुष्यों में प्रेषित किया जा सकता है। जैव विविधता के सिद्धांतों, व्यक्तिगत स्वच्छता और सफाई और कीटाणुशोधन प्रोटोकॉल और खाना पकाने और प्रसंस्करण मानकों को शामिल करने वाले प्रबंधन प्रथाओं को लागू करना AI वायरस के प्रसार को नियंत्रित करने के प्रभावी साधन हैं। सर्दियों के महीनों के दौरान भारत आने वाले प्रवासी पक्षियों में वायरस के वाहक पाए गए हैं।