असम के उग्रवादी संगठन  यूनाईटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम  उल्फा के वार्ता विरोधी धड़े ने असम सरकार से कहा है कि ऊपरी असम के तिनसुकिया और डिब्र्रूगढ़ जिलों में रहने वाले हिन्दी भाषी लोगों को बेदखल कर किया जाए ताकि उनके स्थान पर बाढ़ में अपने घर और जमीन गंवा चुके राज्य के मूल नागरिकों को विस्थापित किया जा सके। 

उल्फा के वार्ता विरोधी धड़ेे के प्रचार सचिव अरूणोदोई असोम ने कहा कि यह बहुत ही चिंता का विषय है कि इस तरह की साजिश रचकर राज्य के जंगलों को नष्ट किया जा रहा है और स्वदेशी लोगों को आपस में लड़ाया जा रहा हैै। इन दोनों जिलों में हजारों बीघा जमीन पर हिन्दी भाषी लोगों ने कब्जा कर लिया है। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को ऐसी जमीन पर कब्जा करने वालों को बेदखल कर उनके स्थानों पर राज्य के मूल निवासियों को बसाना चाहिए। राज्य में हिन्दी भाषी लोगों से तात्पर्य बिहार, उत्तर प्रदेश और राजस्थान से आकर बसे लोगों से है। कई बार देखने में आया है कि उग्रवादी समूहों के हमलों के सबसे ज्यादा शिकार यही लोग होते हैं।