हमारे देश नाम INDIA नहीं बल्कि भारत होना चाहिए, इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में बहस चल रही है। लेकिन अब यह बहस सोशल मीडिया तक जा पहुंची है। हालांकि फिलहाल अदालत ने ऐसी डिमांड करती याचिका पर सुनवाई टाल दी है। यह डिमांड ट्विटर पर खूब गूंज रही है। ट्विटर पर #ByeByeIndiaOnlyBharat हैशटैग ने बहुत ट्रेंड किया और इसको लेकर 1.3 लाख से ज्‍यादा ट्वीट्स किए गए। इनमें से अधिकतर का कहना था कि उन्‍हें देश का नाम सिर्फ 'भारत' चाहिए।
आपको बता दें कि दिल्‍ली निवासी नमह नाम के शख्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की  है। वे संविधान के अनुच्‍छेद 1 में बदलाव की मांग करते हैं जिसमें देश के नाम की व्‍यवस्‍था है। यह मामला मंगलवार को मामला जस्टिस एसए बोबडे को सुनना था मगर वह उनके छुट्टी पर होने की वजह से सुनवाई टल गई। याचिकाकर्ता का तर्क है कि "अलग कागज पर अलग नाम है। आधार कार्ड पर 'भारत सरकार' लिखा है, ड्राइविंग लाइसेंस पर 'यूनियन ऑफ इंडिया, पासपोर्ट्स पर 'रिपब्लिक ऑफ इंडिया', इससे कन्‍फ्यूजन होती है।"
सोशल मीडिया वेबसाइट ट्विटर पर #ByeByeIndiaOnlyBharat हैशटैग टॉप ट्रेंड्स में शामिल रहा है। बहुत से यूजर्स का कहना था कि हमें अपने प्राचीन नाम को ही अपनाना चाहिए। एक यूजर ने लिखा कि '1947 में अंग्रेजों से आजादी मिल गई थी। अब उनके दिए नाम India से आजादी पाने का समय है।' एक अन्‍य यूजर ने 'भारत' नाम के पीछे की कहानी साझा करते हुए लिखा कि 'भारत नाम चक्रवर्ती सम्राट भरत के नाम पर पड़ा है जो पांडवों और कौरवों के पूर्वज थे।' कुछ ट्वीट्स में इस पूरी कवायद को 'बेवकूफी' करार दिया गया है। विरोधियों का कहना है कि नाम बदलने से देश के हालात नहीं बदल जाएंगे।
सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाने वाले नमह ने कहा कि देश का नाम भारत करने से लोगों में राष्‍ट्रीय एकता की भावना मजबूत होगी। उन्‍होंने कहा क‍ि INDIA नाम हटाने में नाकामी अंग्रेजों की गुलामी की प्रतीक है। प्राचीन समय से ही देश भारत के नाम से जाना जाता रहा है। अंग्रेजों की 200 साल की गुलामी के बाद मिली आजादी के बाद अंग्रेजी में देश का नाम INDIA कर दिया गया। इतिहास को भुलाना नहीं चाहिए।
संविधान के पहले हिस्‍से में देश के नाम, उसके राज्‍य, सीमाओं की व्‍यवस्‍था आदि के बारे में प्रावधान किए गए हैं। यह अनुच्‍छेद 1 से 4 तक में हैं। अनुच्‍छेद 1 के अनुसार, India जो कि भारत है वह राज्‍यों और क्षेत्रों का एक संघ होगा। यानी अंग्रेजी में देश का नाम India और हिंदी में भारत है, ऐसा संविधान कहता है। वहीं अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तर पर अंग्रेजी में Republic of India यानी भारत गणराज्‍य चलता है। पासपोर्ट पर इसीलिए वही लिखा होता है।