केंद्रीय रेल राज्य मंत्री राजेन ने कहा कि राजनीतिक उद्देश्य के तहत असमिया और बंगाली समाज के बीच तनाव पैदा किया जा रहा है, लेकिन असमिया समाज को सोचना होगा कि वे हिंदू बंगाली लोगों के साथ खड़े होकर सुरक्षित रह सकेंगे या बांग्लादेशी मुसलमानों के साथ।

नगांव के सांसद ने पूछा- असमिया समाज बंगाली हिंदुओं को दुश्मन समझ रहा है? पहले एेसी मानसिकता कतई नहीं थी। फिलहाल एेसा लग रहा है कि हम असमिया समाज हमेशा से बंगाली हिंदुओं के खिलाफ रहे हैं। एेसा माहौल कुछ ही दिनों में बना है और यह सब कुछ लोग जानबूझ कर कर रहे हैं और दोनों समुदायों को लगातार उकसा रहे हैं, जिसका मकसद केवल राजनीतिक स्वार्थ है।

संसदीय क्षेत्र नगांव में एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए मंत्री राजेन  ने कहा कि असम साहित्य सभा की पहल पर बंगाली समुदाय एक मैत्री सभा आयोजित करने जा रहा है और असमिया समाज को इसका स्वागत करना चाहिए।

नागरिकता संशोधन विधेयक का खुल कर समर्थन कर रहे भाजपा सांसद ने कहा कि प्रदेश में असमिया और बंगाली समुदाय लंबे समय से एक साथ रहते आए हैं। अगर वे मदद का हाथ बढ़ाते हैं तो हमें स्वीकार करना चाहिए।

दूसरी तरफ बंगाली और असमिया संगठनों को लेकर मैत्री सभा आयोजित करने की पहल कर रहे होजाई से भाजपा विधायक शिलादित्य देव ने कहा कि बंगाली हिंदू असमिया समाज के लिए संकट नहीं हैं। यह सोचने की  बात है कि जहां विदेशी को खदेड़ने की बात शुरु हुई तो वहां अब बंगाली हिंदुओं को खदेड़ने की बात शुरु हो गई है।

शिलादित्य ने अखिल गोगोई की आलोचना करते हुए कहा कि आरएसएस को बंदूक चलाना सीखाने वाला संगठन बताने वाले लोगों को मदरसाओं में क्या हो रहा है यह भी देखना चाहिए।