झारखंड में हेमंत सोरेन के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से पूर्व ही सरकार ने राज्य में अप्रशिक्षित शिक्षकों एवं अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों की सेवा समाप्त करने संबंधी आदेश को आज स्थगित कर दिया। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह ने आज यहां बताया कि राज्य सरकार के विद्यालयों में कार्यरत अप्रशिक्षित शिक्षकों एवं अप्रशिक्षित पारा शिक्षकों के सेवा से मुक्त करने के मामले पर झारखंड उच्च न्यायालय में वाद लम्बित है। 

उन्होंने बताया कि इस मामले में न्यायालय के आदेश आने तक इस आदेश को स्थगित कर दिया गया है। गौरतलब है कि इस बार के विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के घोषणा-पत्र में शिक्षकों, पारा शिक्षकों के साथ ही आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के मुद्दे को प्राथमिकता दी गई है। राज्य में झामुमो नीत महागठबंधन (कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल) की बनने जा रही सरकार में सोरेन 29 दिसंबर को मोरहाबादी मैदान में मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे। 

बता दें कि झारखंड के मनोनीत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के रविवार को आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों एवं शीर्ष नेताओं के अलावा कई बड़े उद्योगपति भी शामिल होंगे। शपथ ग्रहण समारोह में टाटा स्टील के एमडी टीवी नरेंद्रन, जेएसपीएल के सीएमडी नवीन जिंदल, डालमिया ग्रुप के एमडी पुनीत डालमिया, डालमिया ग्रुप के ईडी हरमीत सेठी, रूंगटा माइंस के एमडी सिद्धार्थ रूंगटा, इलेक्ट्रोस्टील के एमडी पंकज मलिहान और राहुल शर्मा शामिल होंगे। इसके अलावा एस्सार के उपाध्यक्ष प्रदीप मित्तल, बिरला ग्रुप के अध्यक्ष प्रमोद उंडे और बृजेश झा सहित कई उद्योगपति एवं उद्योग जगत से जुड़े लोग भी हेमंत सोरेन के शपथ ग्रहण समारोह में शिरकत करेंगे। हेमंत सोरेन की ताजपोशी मोरहाबादी मैदान में रविवार दोपहर दो बजे होगी। शपथ समारोह में पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी भी मौजूद रहेंगे।

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