100 करोड़ वैक्सीनेशन (100 crore vaccinations) के जश्न पर विपक्षी दलों ने बीजेपी (BJP)पर हमला बोला। उनका कहना है कि विदेशी कर्ज में डूबे देश के लिए ये काम का समय है, जश्न का नहीं। पूरी आबादी के टीककरण का समय है, दूसरी लहर के लिए देश की जनता से माफी मांगने का समय है।

एक ओर जहां देश में 100 करोड़ वैक्सीनेशन (vaccinations) का लक्ष्य पूरा होने के मौके पर गुरुवार को देशभर में इसका जश्न मनाया जा रहा है। वहीं विपक्ष ने इस जश्न पर सवाल उठाये हैं। कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने आईएएनएस से कहा कि 100 करोड़ वैक्सीनेशन (vaccinations) को लेकर जश्न मनाने की बजाए आज केंद्र की मोदी सरकार को पूरी आबादी के जल्द टीकारकरण पर ध्यान देना चाहिए। मोदी सरकार (modi government) ने देश की जनता को यह कहा था कि 31 दिसंबर 2021 तक पूरी व्यस्क आबादी को वैक्सीनेट करने का काम पूरा हो जाएगा। अगर आंकड़ों की बात करें तो देश में 139 करोड़ आबादी है। 100 करोड़ पूरे होने के बाद भी केवल 30 फीसदी लोग ही पूरी तरह वैक्सीनेट हो पाए। बाकी की आबादी को अगले 70 दिन में वैक्सीन कैसे दी जाएगी? मोदी सरकार (modi government) को यह रोडमैप बताने की जरूरत है। क्योंकि जब देश में व्यस्कों के टीकाकरण का काम पूरा होगा, उसके बाद ही स्कूल जाने वाले बच्चों के वैक्सीनेशन (vaccinations) का काम शुरू होगा।

कांग्रेस (congress) प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने कहा कि जब पूरी दुनिया 2021 के मई-जून-जुलाई-सितंबर के माह में अपनी आबादी का टीकाकरण करा रही थी तो हमारे देश में थाली-ताली बजाई जा रही थी... हम वैक्सीन विदेश भेज रहे थे। यही वजह है कि देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर आई। जिसकी वजह से हजारों लोग देश में मारे गए। केंद्र की मोदी सरकार (modi government) को देश की जनता से आज उन परिवारों से माफी मांगनी चाहिए जिन परिवारों ने अपने मां, बाप, बहन, भाई को खोया। श्मशान में जगह न होने की वजह से गंगा में लाशों को प्रवाहित करने पड़ा। आज वो जश्न कैसे मना सकते हैं? आज तो उनसे माफी मांगने का दिन है।

वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के वरिष्ठ नेता अतुल अंजान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी (pm modi) की ईवेंट मैनेजमेंट करना पुरानी आदत है। आज जब देश विदेशी कर्ज में डूबा हुआ है, भारत का इस तरीके से जश्न मनाना देश के साथ गद्दारी है। उन्होंने कहा कि देश की जनता के पैसे से 100 करोड रुपए खर्च कर इस तरीके का जश्न, बेहद शर्मिंदा करने वाला है। उन्होंने कहा कि इन 100 करोड़ रुपए में चार करोड़ बच्चे 6 महीने तक आधा किलो दूध पी सकते थे। इन 100 करोड़ रुपए में डेढ़ करोड़ कैंसर मरीजों को 2 साल तक निशुल्क दवाई दी जा सकती थी।