पेगासस जासूसी विवाद और तीन विवादास्पद कृषि कानूनों सहित अन्य मुद्दों पर संसद में चल रहे तनाव के बीच विपक्षी दलों ने बुधवार को नरेंद्र मोदी सरकार पर 'अहंकारी और अड़ियल' होने का आरोप लगाया।

एक संयुक्त बयान में, विपक्षी पार्टियां पेगासस मुद्दे पर संसद में चर्चा के लिए अपनी मांग पर अडिग रहीं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री (अमित शाह) को जवाब देना चाहिए। पार्टियों ने कहा कि कृषि कानूनों के मुद्दे पर चर्चा पेगासस विवाद पर बहस के बाद होनी चाहिए।

पार्टियों ने सरकार पर संसद की कार्यवाही को बाधित करने के लिए विपक्ष की छवि खराब करने के लिए भ्रामक अभियान चलाने का आरोप लगाया। विपक्षी दल दोनों सदनों में पेगासस मुद्दे पर चर्चा के लिए अपनी मांग पर दृढ़ और एकजुट हैं। गृह मंत्री ने जवाब दिया कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हैं।

विपक्षी पार्टियों ने बयान में कहा, ''दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार ने संयुक्त विपक्ष को बदनाम करने और संसद में निरंतर व्यवधान के लिए इसे दोष देने के लिए भ्रामक अभियान चलाया है। गतिरोध की जिम्मेदारी पूरी तरह से सरकार पर है, जो अहंकारी और अडिग रहती है और विपक्ष की मांग को स्वीकार करने से इनकार करती है।''