अगर आज लोकसभा चुनाव हों तो पूर्वोत्तर में भाजपा को बड़ा फायदा मिल सकता है। टाइम्स नाउ और वीएमआर के ओपिनियन पोल के मुताबिक असम में भाजपा को नागरिकता संशोधन बिल के कारण बड़ा फायदा मिल सकता है। सर्वे के मुताबिक असम की कुल 14 सीटों में से एनडीए को सबसे ज्यादा 8, यूपीए को 3, एआईयूडीएफ को 2 और अन्य को 1 सीट मिल सकती है। 

जनमत सर्वेक्षण की मानें तो पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों की कुल 11 सीटों में से एनडीए को 9, यूपीए को 1 और अन्य को 1 सीट मिल सकती है। सर्वे के मुताबिक एनडीए का वोट शेयर 4.4 फीसदी घटकर 38.9 फीसदी हो सकता है जबकि यूपीए के वोट शेयर में 4.1 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। पिछली बार 543 में से 336 सीटें जीतने वाली एनडीए को इस बार 252 सीटें मिल सकती है जबकि यूपीए को 147 सीटें मिलती दिख रही है। वहीं अन्य के खाते में 144 सीटें जा सकती है। इससे साफ है कि एनडीए बहुमत(272) से दूर रहने वाला है। 

सीटों के लिहाज से देश के सबसे महत्वपूर्ण राज्य उत्तर प्रदेश में भाजपा को महागठबंधन से बड़ी चुनौती मिलने जा रही है। पिछले लोकसभा चुनाव में एनडीए ने 80 में से 73 सीटें जीतते हुए दिल्ली की सत्ता 

हासिल की थी। हालांकि इस बार एसपी और बीएसपी के गठबंधन को सबसे ज्यादा 51 सीटें मिलने की संभावना है। सर्वे की मानें तो राज्य में एनडीए को 27 सीटें ही मिलेंगी। दिलचस्प यह है कि कांग्रेस पिछली बार की तरह इस बार भी 2 सीटें ही जीतती दिख रही है। 

सर्वे में यह भी बात सामने आई है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की विश्वसनीयता में पिछले 5 सालों में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है और नकी बहन प्रियंका वाड्रा के राजनीति में प्रवेश को लेकर पार्टी पर बड़ा असर डालने वाला माना जा रहा है। मोदी सरकार के किए गए वादों को लेकर भी जनता ज्यादा खुश नहीं है। 44.4 फीसदी लोगों का मानना है कि मोदी सरकार ने किए गए वादों में से कुछ को ही पूरा किया है जबकि 26.9 फीसदी लोगों का मानना है कि केन्द्र सरकार ने अपने सभी वादों को पूरा किया है।