मेघालय में 10वें विधानसभा परिणामों की घोषणा शनिवार को की जाएगी। 60 सदस्यीय विधानसभा के 59 सीटों के लिए 372 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है। मेघालय में 1970 से कई मुख्यमंत्री रहे हैं लेकिन ज्यादातर अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए हैं। यहां सिर्फ तीन मुख्यमंत्री रहे हैं जिन्होंने एक-एक बार अपना कार्यकाल पूरा किया है। इनमें से सबसे पहले मेघालय के पहले मुख्यमंत्री डब्ल्यू. ए. संगमा ने अपना कार्यकाल पूरा किया था। डब्ल्यू. ए. संगमा के अलावा एस. सी. मराक और मुकुल संगमा ही ऐसे मुख्यमंत्री हुए हैं जिन्होंने एक-एक बार अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है।

डब्ल्यू. ए. संगमा ने 2 अप्रैल 1983 से 5 फरवरी 1988 तक पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाए। मराक ने 19 फरवरी 1993 से 27 फरवरी 1998 तक और मुकुल संगमा ने 2013 से 2018 तक अपना पांच साल का कार्यकाल पूरा किया है।


साल 1970 में एपीएचएलसी के नेता विलियमसन ए. संगमा ने मेघालय के प्रथम मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। वे एक आदिवासी नेता थे। वे छह बार मेघालय के मुख्यमंत्री रहे हैं, लेकिन सिर्फ एक बार ही 2 अप्रैल 1983 से 5 फरवरी 1988 तक पांच साल का कार्यकाल पूरा कर पाए। वे एक बार 1989 में मिजोरम के राज्यपाल भी रह चुके हैं।


वे पहली बार 2 अप्रैल 1970 से 21 जून 1972 तक मेघालय के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद दूसरी बार 21 जून 1972 से 18 मार्च 1973 तक, तीसरी बार 18 मार्च 1973 से 21 नवंबर 1976 तक मुख्यमंत्री रहे। इन तीनों कार्यकार्य में वे एपीएचएलसी के विधायक रहे।


इसके बाद उन्होंने एपीएचएलसी का साथ छोड़ दिया और कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस में शामिल होकर वे चौथी बार 22 नवंबर 1976 से 3 मार्च 1978 तक मुख्यमंत्री रहे। 5वीं बार उन्होंने 7 मई 1981 को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। उनका यह कार्यकाल 24 फरवरी 1983 तक चला। छठी बार वे 2 अप्रैल 1983 से 5 फरवरी 1988 तक मेघालय के मुख्यमंत्री रहे। उनका 71 वर्ष की आयु में 25 अक्टूबर 1990 को निधन हो गया।


मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री एस सी मराक की। मराक ने 19 फरवरी 1993 को मुख्यमंत्री पद के लिए शपथ ग्रहण की थी आैर 27 फरवरी 1998 राज्य के मुख्यमंत्री रहे थे। एससी मराक कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता आैर मेघालय के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। मराक का मुख्यमंत्री पद का कार्यकाल 19 फरवरी 1993-27 फरवरी 1998 तक रहा।मराक को मिस्टर क्लीन के नाम से भी जाना जाता है। मराक राज्य के एक सम्मानीय नेताआें में से एक हैं। हालांकि कुछ नाकारात्मक कारणों से भी ये राजनीति में प्रसिद्ध हुए। एक तो मराक एक एेसे नेता हैं जिन्होेने राज्य 1998 में  महज 12 दिन का सबसे छोटा कार्यकाल में सरकार का नेतृत्व किया है आैर दूसरा ये कि इन्होंने राज्य में  30 दिनों के लिए एक क्षेत्रीय पार्टी के साथ गठबंधन किया।


बात करें मुकुल संगमा की तो वे पहली बार 20 अप्रैल 2010 को पहली बार मुख्यमंत्री पद की शपत ली थी। इसके बाद वे साल 2013 के विधानसभा चुनाव में जीत के बाद दूसरी बार  मुख्यमंत्री बने। संगमा ने 1993 से लगातार आमपाति विधानसभा सीट से चुनाव जीतते आ रहे हैं। उन्होंने इस सीट पर 1993, 1998, 2003, 2008 और 2013 में जीत दर्ज की थी।


बता दें कि मेघालय में अबतक 11 मुख्यमंत्री रहे हैं, इसमें से ज्यादातर ने एक से ज्यादा बार मुख्यमंत्री बनने का अवसर प्राप्त किया है। इस चुनाव की बात करें मेघालय में 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए कुल 372 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है। कांग्रेस जहां सभी 59 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, वहीं एनपीपी 52, भाजपा 47, पीपल डेमोक्रेटिक फ्रंट 26, नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी 21, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी 13, हिल स्टेट पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी 13 और दूसरी पार्टियां चुनावी मैदान में हैं।

इस चुनाव में 85 निर्दलीय और 33 महिला प्रत्याशी भी अपनी किस्मत आजमां रही हैं। ये चुनाव न केवल कांग्रेस के लिए लिटमस टेस्ट की तरह है बल्कि भाजपा किसी भी सूरत में इस पहाड़ी राज्य में केसरिया झंडा फहराने की कोशिश में है। बता दें कि एक उम्मीदवार की मौत हो जाने के कारण 27 फरवरी को मेघालय की 59 विधानसभा सीटों पर ही मतदान संपन्न हो गए। मतगणना शनिवार 3 मार्च को होगी। इसी दिन चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।