भाजपा के साथ फिर से दोस्ती करने के अहम मुद्दे पर असम गण परिषद की कार्यकारिणी की बैठक में कोई फैसला नहीं लिया जा सका। सुत्रों के हवाले से बैठक में कार्यकारिणी के सदस्यों के बीच आपसी सहमती नहीं बनने के कारण तथा लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आगे की रणनीति तय करने के लिए एक समिति का गठन किया गया है। इसके अलावा आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आज की बैठक में विधायक पवींद्र डेका के नेतृत्व में चुनाव इश्तेहार समिति का भी गठन कर दिया गया है।


दोपहर डेढ़ बजे से अामबाड़ी स्थित पार्टी मुख्यालय में अगप के अतुल बोरा की अध्यक्षता में आयोजित कार्यकारिणी बैठक में अधिकांश सदस्यों ने मिश्रित प्रतिक्रिया दी। पार्टी सूत्रो को मानें तो अगप का एक बड़ा धड़ा चाहता है कि अतुल बोरा, फणिभूषण चौधरी और केशव महंत फिर से सरकार में शमिल हो जाए। इस धड़े की दलील है कि भाजपा के साथ मित्रता करने के कारण ही विधानसभा चुनाव में 14, सीटों पर अगप उम्मीदवार विजयी हुआ है। पंचायत चुनाव में अकेले लड़ने के कारण अगप को उम्मीद के अनुसार सफलता नहीं मिल पाई है।


लोकसभा में भी अगप का एक भी सांसद नहीं है। एेसे में मौजूदा राजनीतिक पटल पर अगप-भाजपा की मित्रता से ही परचम को लहराए रखने में मददगार साबित होगी। वहीं, दूसरे धड़े के समर्थक यह नहीं चाहते हैं कि सरकार में शामिल होने के बाद भी आरोपों के अनुसार भाजपा ने अगप कर्मियों को तृणमुल स्तर पर कोई तवज्जों नहीं दी है। वहीं लगभग चार घंटे तक चले इस बैठक में नागरिकता(संशोधन) विधेयक को लेकर पार्टी की स्थिति व नीति पर भी समिक्षा हुई। आप को बता दे कि नागरिकता संशोधन विधेयक के विरोध में अगप के तीनों मंत्रियों ने इस्तीफा दिया था और विस अध्यक्ष से विपक्षी दिर्घा में आसन्न की मांग की थी।