प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष प्रद्युत बरदलै ने आरोप लगाया कि राज्य में गुप्त हत्या से जुड़े गिरोह फिर से सक्रिय हो रहा है।


शुक्रवार को राजीव भवन में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पूर्व मंत्री बरदलै ने बताया कि 1998 से 2004 तक दिल्ली में भाजपा तथा असम में अगप की सरकार थी। उस समय ये दोनों मित्र दल थे। उस समय केंद्रीय गृहमंत्री थे लालकृष्ण आडवानी और असम के मुख्यमंत्री प्रफुल्ल कुमार महंत के पास राज्य का गृह विभाग था।


अगप-भाजपा के इस जुगलबंदी के समय असम में गुप्त हत्याएं हुई थी। अल्फा के रिश्तेदार तथा करीबी की उस समय गुप्त रूप से हत्या कर दी गई थी। इस समय भी अगप-भाजपा के जुगलबंदी से राज्य में गुप्त हत्या का गिरोह फिर ससे सक्रिय हो रहा है। अल्फा(आई) के मुख्य सेनाध्यक्ष परेश बरुवा के करीबी के रूप में परिचित तथा शांति वार्ता के लिए विशेष पहल करने वाले रेवती फुकन के अचानक लापता होने की घटना से एक बार फिर अशुभ संकेत मिल रहा है।


रेवती फुकन गुवाहाटी से लापता हो गए, फिर भी सरकार कुछ नहीं कर पा रही है। पूर्व मंत्री बरदलै ने कहा कि हम फुकन की तत्काल वापसी चाहते हैं। किंतु अब हालात ऐसी दिखाई पड़ रही है कि फिर से गुप्त हत्या का माहौल बनने जा रहा है। इसे लेकर हम काफी चिंतित हैं।