ब्रह्माण्ड में कई तरह की अद्भुत खगोलिय घटनाएं होती रहती है। कुछ धरती से दिखाई देती है और कुछ आसमान से दिखाई देती है। रहस्यों से भरपूर अंतरिक्ष एक बहुत ही दिलचस्प विषय है। इस महीने में 10 जून की तारीख को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। सूर्य की शानदार खगोलिय घटना इस दिन देखने को मिलेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार राहु और केतु की वजह से सूर्य ग्रहण लगता है।


विज्ञान के जब सूर्य और पृथ्वी के बीच में चंद्रमा आ जाता है तब सूर्य ग्रहण लगता है। सूर्य ग्रहण का वैज्ञानिक महत्व होने के साथ ही बहुत अधिक धार्मिक और ज्योतिष महत्व भी होता है। ज्योतिष के अनुसार 10 जून को लगने वाला सूर्य ग्रहण वृष राशि में लगने जा रहा है। सूर्य ग्रहण का सभी राशियों पर प्रभाव पड़ता है। साल के पहले सूर्य ग्रहण पर रिंग ऑफ फायर का अद्भूत नजारा दिखाई देगा। सूर्य ग्रहण के दौरान इस अद्भूत नजारे को देखा जा सकता है।


साल का पहला सूर्य ग्रहण उत्तर-पूर्व अमेरिका, यूरोप, उत्तरी एशिया और उत्तरी अटलांटिक महासागर में दिखाई देगा। साल का पहला सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा। भारत में नहीं दिखाई देगा जिस वजह से सूतक काल मान्य नहीं होगा। आमतौर पर सूर्य ग्रहण से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है। सूतक काल के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जाते हैं। सूर्य ग्रहण की वजह से धन-हानि हो सकती है। इस दौरान धन- खर्च से बचना चाहिए।