एक पिता बड़े ही अरमानों के साथ अपनी जिंदगी भर की कमाई को पाई- पाई जोड़ कर अपनी पुत्री की शादी में खर्च कर मन में यह संतोष रखता है कि पुत्री विवाह के बाद सम्मानपूर्वक ससुराल में जीवन व्यतीत करेगी। उसका जीवन सुखमय होगा। मगर पल्लवी मंडल के साथ जो हुआ यह सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे। पल्लवी मंडल (Pallavi Mandal)  ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए बताया कि उसकी शादी 18 जून 2018 को सामाजिक रीति- रिवाज के साथ परसुडीह के जयमाल्य मंडल के साथ हुई।

पल्लवी के पिता प्रदूत कुमार मंडल (Pallavi's father Pradoot Kumar Mandal ने अपनी पुत्री को डोली में बिठाते हुए खुशहाल जिंदगी की कामना करते हुए विदा किया। सुहागरात (honeymoon) के दिन पति जयमाल्य मंडल ने पत्नी पल्लवी मंडल से शर्त रखी कि दो साल के अंदर आईएएस बनकर दिखाना है। यदि तुम ऐसा नहीं कर पाती हो तो तुम्हारे साथ हमारा किसी प्रकार का रिश्ता नहीं रहेगा। मगर इस बात को पल्लवी ने बिल्कुल मजाकिया लहजे में लिया। उसे पता नहीं था कि एमबीए में गोल्ड मेडलिस्ट (Gold medalist in MBA) पति ने ज़िंदगी का इतना बड़ा फैसला सुना दिया है।

सुहागरात के दूसरे दिन पति नौकरी के लिए इंटरव्यू है, कह कर घर से निकल गया जिसके बाद कई दिनों के बाद जब वापस लौटा तो उनका व्यवहार बिल्कुल वैसा ही था। पल्लवी को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि आखिर करे तो क्या करे। इसी दौरान पल्लवी अपने सास कृष्णा मंडल, ससुर भावेश मंडल, जेठ देवमाल्या मंडल, जेठानी झुंपा मंडल के सारे जुल्म सहती रही। यह सोचती रही कि पिता ने बड़े अरमानों के साथ डोली को विदा किया है। 

मुझे यहीं रहकर किसी भी तरह से रिश्ते को बचाना है। मगर ऐसा नहीं हुआ। लगातार जुल्म बढ़ता गया। पति अपनी शर्त पर कायम रहा कि जब तक तुम आईएस बनकर नहीं दिखाओगी मैं तुम्हारे साथ किसी भी तरह का रिश्ता नहीं रखूंगा। पति एमबीए में गोल्ड मेडलिस्ट है और अभी वर्तमान में सिटी यूनियन बैंक लखनऊ में असिस्टेंट ब्रांच मैनेजर के पद पर कार्यरत है।

माता- पिता की इज्जत एवं समाज के डर से पल्लवी अंदर- अंदर अपने पति, सास-ससुर, जेठ- जेठानी का जुल्म सहती रही। जब धैर्य का बांध टूट गया तब आज पल्लवी को अंततः न्यायालय की शरण में जाना पड़ा। दहेज प्रताड़ना का मामला दर्ज कराते हुए अपने पति, सास - ससुर, जेठ जेठानी पर मामला दर्ज करा दिया। अब न्याय के लिए चक्कर लगा रही है। 

इनका कहना है कि पति की शर्त के कारण मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई। इसका जिम्मेदार कौन है। पति कहता है कि मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकती हो। जेठ पेशे से सरकारी शिक्षक हैं मगर वह भी तरह- तरह की धमकियां दिया करते हैं। अब गरीब बाप प्रदूत कुमार मंडल अपनी पुत्री को लेकर न्याय के लिए कभी कोर्ट तो कभी थाना के चक्कर लगा रहे हैं। 

पल्लवी के पिता प्रदूत कुमार मंडल का कहना है कि पहले ही यदि ससुराल वाले इस तरह की शर्त रखते तो मैं अपनी पुत्री का जीवन इन लोगों के लिए बर्बाद होने नहीं देता। सारे लोग शिक्षित होते हुए भी अनपढ़ जाहिल सा काम कर रहे हैं।