भारत में पिछले 24 घंटे के दौरान 1.6 लाख के ऊपर कोरोना वायरस के केस सामने आए हैं। इसी के साथ ही मौतों के आंकड़ों में बढ़त देखी गई है। देश में अभी 17 लाख से अधिक एक्टिव केस हैं। दुनिया भर में इसके पीछे कोरोना का नया वैरिएंट ओमिक्रॉन (Omicron variant) जिम्मेदार है। लेकिन अब इसके नए सब वैरिएंट भी चिंता बढ़ा रहे हैं। ओमिक्रॉन के 3 सबवैरिएंट हैं आ चुके हैं जिनमें BA.1, BA.2 और BA.3 शामिल हैं। इनमें से ओमिक्रॉन के सबवैरिएंट BA.2 को सबसे ज्यादा संक्रामक बताया जा रहा है।

एक स्टडी में सामने आया है कि ओमिक्रॉन का नया वैरिएंट BA.2 उसके मूल रूप की तुलना में ज्यादा तेजी से फैल रहा है। कुछ केसों में यह भी देखा गया है कि यह सबवैरिएंट बूस्टर डोज लेने वाले लोगों को भी चपेट में ले रहा है।

यह रिसर्च कोपेनहैगन यूनिवर्सिटी, स्टेटिस्टिक्स डेनमार्क, टेक्नीकल यूनिवर्सिटी ऑफ डेनमार्क और स्टेटन्स सीरम इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों द्वारा यह स्टडी की गई है और इस स्टडी का नेतृत्व कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय (सैन फ्रांसिस्को) के चार्ल्स चिउ (Charles Chiu) ने किया था।

कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, के शोधकर्ताओं के मुताबिक, वैक्सीन ले चुके जो लोग ओमिक्रॉन वैरिएंट से संक्रमित होने के बाद ठीक हो गए हैं, उन्हें भी मौजूदा वायरस और भविष्य में आने वाले वायरस से संक्रमित होने का खतरा है। हमारी रिसर्च बताती हैं कि अगर भविष्य में कोई वैरिएंट अधिक तेजी से संक्रमण फैलाता है, तो ओमिक्रॉन से विकसित हुई इम्यूनिटी संक्रमण को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं होगी।

रिसर्चर्स ने इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए वैक्सीन की बूस्टर डोज लगाने पर भी जोर दिया ताकि भविष्य में नए वैरिएंट से संक्रमित होने और बीमार होने से बचा जा सके। इसमें सामने आया कि कोई BA.2 से संक्रमित है, तो उसके कारण घर के अन्य लोगों के संक्रमित होने का जोखिम 39 प्रतिशत था और ओमिक्रॉन के मूल वैरिएंट से संक्रमित व्यक्ति से घर के अन्य लोगों को संक्रमित होने का जोखिम 29 प्रतिशत था। इसका मतलब BA.2 वैरिएंट, ओमिक्रॉन के मूल से अधिक संक्रामक है और तेजी से फैलता है।