जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने मंगलवार को कोविड-19 वैक्सीन की पहली खुराक श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (स्कीम्स) में ली। फारूक अब्दुल्ला के बेटे और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट कर कहा कि उनके पिता और माता ने कोविड वैक्सीन की पहली खुराक ली है।

उमर ने स्कीम्स के डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को धन्यवाद दिया और दूसरों से टीका लगवाने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक किडनी प्रत्यारोपण के लिए उनके पिता इम्यूनोसप्रेसेन्ट पर हैं और उन्हें कोविड का टीका लगाया गया है। उमर ने ट्वीट किया, ‘‘स्कीम्स, श्रीनगर के डॉक्टरों, नर्सों और कर्मचारियों को धन्यवाद। आज मेरे 85 वर्षीय पिता और मेरी मां की पहली कोविड खुराक थी। मेरे पिता को किडनी प्रत्यारोपण के लिए इम्यूनोसप्रेसेन्ट होने सहित कई स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हैं। अगर वह वैक्सीन लगवा सकते हैं, तो आप भी लगवा सकते हैं।’’

इससे पहले सोमवार को उमर अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे पर जवाब देते हुए कहा था कि उन्हें उन लोगों को टीकाकरण के लिए उत्साहित करना चाहिए, जिनकी उम्र ज्यादा हैं क्योंकि उन्हें ज्यादा खतरा है। दरअसल सोमवार से कोरोना टीकाकरण का दूसरा चरण शुरू हुआ है जिसमें 60 साल से ऊपर की उम्र वाले लोगों को वैक्सीन लगाई जा रही है। इस सिलसिले में सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैक्सीन लगवाई। कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे भी प्रधानमंत्री मोदी की उम्र के हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्‍या वह वैक्‍सीन लगवाएंगे तो खड़गे ने कहा था, 'मैं 70 साल से ज्‍यादा उम्र का हूं। आपको मेरी जगह ये (वैक्‍सीन) युवाओं को देनी चाहिए क्‍योंकि उन्‍हें लंबा जीना है। मेरी 10-15 साल की जिंदगी बची है।'