केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में परिसीमन (Delimitation in Jammu and Kashmir) के तहत विधानसभा सीटों (Assembly Seats) को फिर से निर्धारित करने का काम शुरू हो गया है। इसको लेकर सोमवार को परिसीमन आयोग ने बैठक भी की, परंतु इसके खिलाफ गुपकार गैंग खड़ा हो गया है। चाहे नेशनल कांफ्रेंस के नेता हो या पीडीपी के नेता सभी इसे भाजपा की साजिश बता रहे हैं। नेशनल कांफ्रेंस और पीडीपी ने इसे भाजपा की साजिश करार दिया है। इसके साथ ही ये मांग की गई है 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन किया जाना चाहिए।

किसने क्या कहा?

नेशनल कांफ्रेंस (National Conference) के नेता और जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने परिसीमन के प्रस्ताव पर कहा, "यह बेहद निराशाजनक है कि आयोग ने भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को अपनी सिफारिशों में शामिल करने की अनुमती दी, आंकड़ों को महत्व नहीं दिया गया जिसपर वास्तव में विचार किया जाना चाहिए था। ये साइंटिफिक नहीं, बल्कि "राजनीतिक" दृष्टिकोण से प्रेरित है।"

उन्होंने आगे कहा, 'जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग द्वारा पेश किया गया प्रस्ताव अस्वीकार्य है। इसके अनुसार 6 जम्मू और केवल 1 सीट कश्मीर के लिए विधानसभा क्षेत्रों को फिर से निर्धारित करने के तहत प्रस्तावित किया गया है। ये 2011 की जनगणना के आंकड़ों के खिलाफ है।'

डीपी अध्यक्षा और पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने परिसीमन आयोग के प्रस्ताव का विरोध किया। उन्होंने कहा, "ये आयोग बनाया ही इसलिए गया है ताकि लोगों को धार्मिक और क्षेत्रीय आधार पर विभाजित किया जा सके। इनका असली गेम प्लान जम्मू-कश्मीर में एक ऐसी सरकार को स्थापित करना है जो अगस्त 2019 के अवैध और असंवैधानिक फैसलों को वैध बनाएगी।"

जम्मू-कश्मीर पीपुल्स कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष सज्जाद लोन (Sajjad Lone) ने परिसीमन आयोग पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, "परिसीमन जनसंख्या के आधार पर होना चाहिए। उसी मापदंड का इस्तेमाल किया जाना चाहिए जो आप पूरे भारत में उपयोग करते हैं। मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि ऐसा किया जा रहा है। ये जम्मू कश्मीर की जनता के साथ भेदभाव है।"

इसके बाद सज्जाद लोन की पार्टी जम्मू कश्मीर पीपल्स कॉन्फ्रेंस ने गुपकार गठबंधन से दूरी बना ली है। पूर्व मंत्री अल्ताफ बुखारी की पार्टी ने भी आयोग के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है और इसका विरोध किया है।

वहीं, नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि उनकी पार्टी 31 दिसंबर को आयोग के प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देगी।इतनी आलोचनाओं के बावजूद केन्द्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि नेशनल कांफ्रेंस आयोग के निर्णय से संतुष्ट है।