Olympic मेडल विजेता पहलवान सुशील कुमार पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है। इस पहलवान ने छत्रसाल स्टेडियम के अखाड़े से निकलकर पूरी दुनिया में भारत का परचम लहराया था, लेकिन अब इस पर 23 साल के पहलवान सागर धनखड़ की हत्या का आरोप है। 4 मई की रात को छत्रसाल स्टेडियम में पहलवानों के दो गुटों में झड़प हो गई थी। इस झड़प के बाद सागर ने दम तोड़ दिया था। दिल्ली पुलिस ने एफआईआर में सुशील का भी नाम शामिल किया था। इस घटना के 17 दिन बाद सुशील कुमार को दिल्ली के मुंडका इलाके से गिरफ्तार किया गया। फिलहाल सुशील कुमार छह दिनों की पुलिस रिमांड पर हैं।

सुशील कुमार पर हत्या के आरोप से भारतीय कुश्ती की साख पर बट्टा लगा है। सुशील ने भारत के लिए दो बार ओलंपिक खेलों में मेडल जीता, जिसमें एक रजत और एक कांस्य पदक शामिल रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि सुशील कुमार पर हत्या का आरोप सिद्ध हो जाता है, तो क्या उनके ओलिंपिक मेडल छीन जाएंगे

अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने अबतक केवल उन एथलीटों से पदक छीने हैं, जिन्होंने प्रतियोगिता के दौरान डोपिंग या अन्य नियमों का उल्लंघन किया है। ऐसे में सुशील कुमार हत्या के मामले में दोषी साबित हो भी जाते हैं, तो उनके ओलंपिक मेडल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। आईओसी अब तक डोपिंग या नियमों के उल्लंघन के आरोप में 149 पदक वापस ले चुकी है। जिसमें 49 स्वर्ण, 49 रजत और 51 कांस्य पदक शामिल हैं। इनमें से 63 फीसदी मेडल सोवियत देशों के खिलाड़ियों के हैं।

अब तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया, जब आईओसी ने आपराधिक मामलों में किसी का मेडल छीना हो। दुनियाभर में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, जब ओलंपिक विजेता खिलाड़ियों ने जघन्य अपराध किए हो। इसके बावजूद उनके मेडल पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा। वेबसाइट Olympedia.org के मुताबिक ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भाग ले चुके 76 खिलाड़ी अब तक जेल जा चुके हैं। इनमें से 27 खिलाड़ी ओलंपिक मेडलिस्ट रहे हैं। हत्या, यौन दुराचार और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों में इन खिलाड़ियों को सजा हुई थी। लेकिन सजा मिलने और जेल की जाने के बावजूद ये अभी भी ओलंपिक मेडलिस्ट हैं।

हम आपको बता रहे हैं उन पहलवानों के बारे में जो ओलंपिक में भाग ले चुके हैं और उन्हें पड़ी जेल की हवा खानी पड़ी जिनमें 3 मेडल जीत चुके हैं-

1. ‌पीटर फार्कस
हंगरी के इस पहलवान ने 1992 के बार्सिलोना ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीता था। 1996 में मारिजुआना फार्म चलाने के लिए पीटर फार्कस को  पांच साल जेल की सजा हुई। वह सजा से बचकर भाग निकले, लेकिन बाद में गिरफ्तार कर लिए गए। इसके बाद उनकी सजा बढ़कर सात साल हो गई। 2014 में इन्हें जेल से रिहा कर दिया गया।

2. टोनी हन्नुला
फिनलैंड के इस रेसलर ने 1984 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में भाग लिया था। हन्नुला ने हिंसा और डकैती के मामलों में 1989 से 2010 के बीच दस साल जेल में बिताए।

3. राइमो हिरवोनेन
फिनलैंड के इस रेसलर ने 1972 के म्यूनिख ओलंपिक में हिस्सा लिया था। हिंसा और डकैती के अपराध में हिरवोनन को जेल जाना पड़ा।

4. अलक्जेंडर कोलचिन्सकी
इस खिलाड़ी के नाम ओलंपिक में दो स्वर्ण पदक हैं। कोलचिन्सकी  ने 1976 और 1980 के ओलंपिक खेलों में ग्रीको- रोमन शैली में सोवियत संघ के लिए यह कारनामा किया था। कोलचिन्सकी को जबरन वसूली के आरोप में सात साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। 1996 में यूक्रेन के राष्ट्रपति लियोनिद कुचमा ने उन्हें पैरोल दे दी थी।

5. डॉक स्ट्रांग
इस अमेरिकी पहलवान ने 1936 के बर्लिन ओलंपिक में भाग लिया था। स्ट्रांग को सार्वजनिक रूप से नशे करने के जुर्म में गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने1952 में जेल की कोठरी में आत्महत्या कर ली थी।

6. एलेक्सिस विला
1996 के अटलांटा ओलंपिक में इन्होंने क्यूबा के लिए कांस्य पदक जीता था। इसके अलावा एलेक्सिस विला कुश्ती में दो बार वर्ल्ड चैंपियन भी रह चुके हैं। फोर्ट लॉडरडेल-हॉलीवुड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आतंकवाद के कथित प्रयास के लिए 3 साल की सजा हुई। 2020 में विला को एक मर्डर के केस में 15 साल जेल की सजा हुई थी।