दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में जूनियर गोल्ड मेडलिस्ट पहलवान सागर राणा की हत्या के मामले में फरार चल रहे ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता पहलवान सुशील कुमार को दिल्ली पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर लिया। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने करीब 20 दिन बाद सुशील कुमार और उसके साथी अजय बक्करवाला को दिल्ली के ही मुंडका इलाके से गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी चार मई को देर रात हुई घटना के बाद से फरार थे। 

पहलवान सुशील पर पुलिस ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर रखा था जबकि अजय पर 50 हजार का इनाम था। दिल्ली पुलिस ने बताया कि 23 वर्षीय सागर राणा की हत्या के मामले में दोनों उक्त आरोपियों को रविवार सुबह दिल्ली के मुंडका इलाके से गिरफ्तार किया गया है। इंस्पेक्टर शिवकुमार के निर्देशन में स्पेशल सेल की टीम ने दोनों वांछित लोगों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान पहलवान सुशील कुमार और उसके साथ अजय उर्फ सुनील के रूप में हुई। 

इससे पहले, सुशील कुमार की तलाश में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने दिल्ली के अलावा यूपी, उत्तराखंड, हरियाणा और अब पंजाब में ताबड़तोड़ छापेमारी की। दिल्ली में कई ठिकानों पर पुलिस ने छापा मारा लेकिन सुशील का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस को सबसे पहले सुशील के उत्तराखंड जाने की जानकारी मिली थी। उसके बाद से पुलिस लगातार उसकी गिरफ्तारी के लिए पांच राज्यों में दबिश दे रही थी। शनिवार को भी सूचना आ रही थी कि दिल्ली पुलिस ने सुशील को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया है। लेकिन दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों ने उसकी गिरफ्तारी की बात से इनकार कर दिया था। उल्लेखनीय है कि दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में चार मई की रात दिल्ली के मॉडल टॉउन थाने के इलाके में पहलवान सुशील और उसके साथियों ने एक फ्लैट से सागर और उसके दोस्तों का अपहरण किया। फिर छत्रसाल स्टेडियम में ले जाकर उनकी बेरहमी से पिटाई की। इसमें सागर बुरी तरह घायल हो गया था। इलाज के दौरान सागर की मौत हो गई थी। 

वारदात के बाद पुलिस को स्टेडियम का एक सीसीटीवी फुटेज भी हाथ लगा है। सीसीटीवी फुटेज में सुशील 20-25 पहलवानों और असौदा गिरोह के बदमाशों के साथ सागर धनखड़ और दो अन्य को पीटता दिखा है। सभी लोग सागर को लात-घूंसों, डंडों, बैट व हॉकी से मारते दिख रहे हैं। फुटेज में सुशील सागर व दो अन्य पीड़ितों पर हॉकी चलाता भी दिखा है। सभी पहलवान और बदमाश स्टेडियम के सीसीटीवी कैमरे में कैद हैं। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 20 से 25 लोगों ने सागर व दो अन्य को अधमरा होने तक पीटा था। फुटेज से पता लग रहा है कि पीड़ितों को बुरी तरह से पीटा गया। उनके मुताबिक, सुशील के साथ असौदा गिरोह के बदमाश और कुछ पहलवान भी थे। गिरफ्तारी के बाद सुशील ने पुलिस पूछताछ में बताया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कई रातें सड़क के किनारे गाड़ी में ही बितायी थीं। सुशील ने अपना मोबाइल भी बंद कर रखा था। 

सुशील ने बताया कि हत्या वाली रात वह दिल्ली हरिद्वार हाईवे पर स्थित मेरठ टोल प्लाजा से निकला था। इसकेबाद वह तीसरे दिन भी इसी टोल प्लाजा से निकला था लेकिन जब पुलिस का शिकंजा कसा जाने लगा तो उसने हाईवे से निकलना बंद कर दिया और वह राज्यमार्गों से भाग जाने की फिराक में था। सुशील देश का लगातार दो ओलम्पिक में पदक जीतने वाला एकमात्र खिलाड़ी है । सुशील ने 2008 के बीजिंग ओलम्पिक में कांस्य पदक और 2012 के लंदन ओलम्पिक में रजत पदक जीता था। उन्होंने गत 18 मई को रोहिणी कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी लेकिन अदालत ने उनकी यह याचिका खारिज कर दी थी।