दिल्ली में 1 जनवरी 2022 से पेट्रोल की 15 साल (15 Yr Old Petrol) और डीजल की 10 साल (10 Yr old diesel) से ज्यादा पुरानी गाड़ियां (Older Vehicles) नहीं चलेंगी. दिल्ली परिवहन विभाग (Delhi Transport Department) पेट्रोल और डीजल की इन पुरानी गाड़ियों को जब्त कर सीधे स्क्रैपयार्ड (Scrapyard) में भेज देगी. 15 साल पुरानी स्कूटर और बाइक (Scooter and Bikes) पर भी गाड़ियों की तरह ही नियम लागू होंगे. इन बाइक्स और स्कूटर को भी जब्त किया जा रहा है.

दिल्ली में 15 साल पुरानी बाइक के लिए आप एनओसी (NOC) के लिए भी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन यह दूसरे कुछ राज्यों में ही चलेगी. वहीं, जिन लोगों की गाड़ियां हैं, वे दूसरे राज्यों में बेचने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र भी प्राप्त कर सकते हैं. दिल्ली में भी ये गाड़ियां इलेक्ट्रिक किट (Electric Kit) लगवाने के बाद चल सकती हैं, लेकिन इसके लिए अभी तक एजेसियों की लिस्ट जारी नहीं की गई है. दिल्ली सरकार इसको लेकर बहुत जल्द ही नोटिफिकेशन जारी करेगी.

दिल्ली में वाहन मालिक इन पुरानी गाड़ियों को राजस्थान, बिहार, महाराष्ट्र, यूपी, पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में चला सकते हैं. इन राज्यो में अभी भी 10 साल से अधिक पुरानी डीजल कारें और 15 साल से अधिक पुरानी पेट्रोल कारें चल सकती हैं. इसके लिए आपको अपनी पुरानी गाड़ियों को दूसरे राज्यों में ट्रांसफर करवाना होगा. इसके लिए आप दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के वेबसाइट पर जा कर अप्लाई कर सकते हैं.

हाल ही में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के बाद दिल्ली परिवहन विभाग ने पुरानी गाड़ियों को लेकर एक आदेश जारी किया था. इस आदेश के बाद दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने कहा है कि डीजल या पेट्रोल वाहनों के मालिक अपनी कारों को डीरजिस्टर्ड या जब्ती किए जाने की संभावना से घबराए हुए हैं. ऐसे में ये लोग परिमार्जन नीति का लाभ उठा सकते हैं या अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं. ऐसे पुराने वाहनों को राजधानी के बाहर बेच सकते हैं. दिल्ली सरकार की कई योजनाएं भी चल रही हैं ताकि लोग पुराने वाहनों को इलेक्ट्रिक में भी बदल सकें, हालांकि इसमें समय लगने की संभावना है.

परिवहन विभाग दिल्ली में अब तक करीब एक लाख डीजल वाहनों का पंजीकरण रद्द कर चुका है. शहर में इस समय करीब 38 लाख ‘ओवरएज’ वाहन हैं. ऐसे में अगर कोई पुरानी गाड़ी (ईएलवी) सार्वजनिक स्थानों पर या सड़कों पर चलता हुआ पाया जाता है तो उसे पुलिस या परिवहन प्रवर्तन इकाई द्वारा जब्त कर कबाड़खाने में भेज दिया जाएगा.

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार ने एनसीआर में पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए 8 स्क्रैपयार्ड अधिकृत किया है. सभी स्क्रैपयार्ड ऑनर का ऑफिस दिल्ली में है. यदि कोई वाहन मालिक अपनी कार को स्क्रैप करवाना चाहता है तो वह सीधे ऑनर या कार्यालय से संपर्क कर सकता है. ऑनर किसी भी आदमी को आपके दरवाजे से वाहन को लेने भेज देगा. सभी यार्ड सीसीटीवी से भी लैस हैं और मालिक को यह सुनिश्चित करने के लिए कि इस वाहन का दुरुपयोग नहीं किया जाएगा इसके लिए वीडियोग्राफी भी करवाई जाती है.

परिवहन विभाग का कहना है कि लोगों को अनधिकृत स्क्रैपयार्ड या कबाड़खानों का प्रयोग नहीं करना चाहिए. इससे उनके वाहनों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों के लिए भी किया जा सकता है. दिल्ली परिवहन विभाग के मुताबिक कोई भी आदमी अपनी पुरानी गाड़ियां दूसरे राज्यों में ट्रांसफर करवा सकता है. इसके लिए दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग के वेबसाइट पर जा कर भी अप्लाई कर सकते हैं. यह पूरी प्रक्रिया परिवहन विभाग की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है. इसके अलावा यदि कोई व्यक्ति किसी पुराने वाहन को इलेक्ट्रिक में बदलना चाहता है तो परिवहन विभाग द्वारा अनुमोदित एजेंसियों के माध्यम से पैनलबद्ध किटों के साथ रेट्रोफिटिंग की जाएगी. इस पर वर्तमान में विभाग के साथ लगभग 10 एजेंसियां ​​काम कर रही हैं, लेकिन इसमें समय लगेगा.