कुछ समय पहले असम एनआरसी का डाटा ऑनलाइन क्लाउड से गायब हो गया था। एनआरसी डाटा ऑफलाइन होने से अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ था। एनआरसी स्टेट को-ऑर्डिनेटर हितेश देव शर्मा ने जानकारी दी है कि क्लाइड से गायब हुआ डाटा अब ऑनलाइन उपलब्ध है।


हाल ही में खबर आई थी कि पिछले 15 दिसंबर से असम एनआरसी का डाटा ऑनलाइन क्लाउड पर उपलब्ध नहीं है। इस पर गृह मंत्रालय ने कहा था कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से एनआरसी का डाटा नहीं दिख रहा है। इसमें किसी हड़बड़ी की जरूरत नहीं है और डाटा सेफ है। असम में एनआरसी डाटा आधिकारिक वेबसाइट से ऑफलाइन होने के मामले में पुलिस ने एक पूर्व महिला कर्मचारी के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है।

कहा गया था कि इस कर्मचारी ने इस्तीफा देकर कार्यालय छोड़ने से पहले ईमेल आईडी का पासवर्ड दफ्तर में सब्मिट नहीं किया। जिसके चलते एनआरसी डाटा ऑफलाइन हो गया। पासवर्ड जमा ना कराने को नियमों का उल्लंघन बताते हुए एफआईआर की गई है। इस कर्मचारी ने पिछले साल नवंबर में इस्तीफा दिया था लेकिन आधिकारिक ईमेल आईडी के पासवर्ड किसी को बिना बताए ही ऑफिस छोड़ दिया।

बताया गया कि राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) की अंतिम सूची के सभी डेटा आईटी कंपनी विप्रो के साथ अनुबंध के नवीनीकरण नहीं होने के चलते अपनी आधिकारिक वेबसाइट से ऑफलाइन हुए थे। हितेश देव शर्मा ने तब अनुबंध को रिन्यू करने के लिए विप्रो के संपर्क में होने और कॉन्ट्रैक्ट रिन्यू करने की बात कही थी।


एनआरसी की आखिरी सूची 31 अगस्त 2019 को आधिकारिक वेबसाइट www.nrcassam.nic.in पर जारी की गई थी। वास्तविक भारतीय नागरिकों के नाम शामिल और बाहर किए जाने का पूरा विवरण अपलोड किया गया था। डाटा उपलब्ध नहीं होने से, खासतौर से उन लोगों में भय व्याप्त हो गया था जिन्हें सूची से बाहर रखा गया है क्योंकि उन्हें सूची से बाहर किए जाने का प्रमाणपत्र अभी जारी नहीं किया गया है।


अब हम twitter पर भी उपलब्ध हैं। ताजा एवं बेहतरीन खबरों के लिए Follow करें हमारा पेज : https://twitter.com/dailynews360