ओडिशा के बलांगीर जिले में टोना-टोटका के संदेह में ग्रामीणों ने एक व्यक्ति को बेरहमी से पीटा और उसे पेशाब पीने तथा मानव मल खाने के लिए मजबूर किया। युवक की पहचान सिंधकेला थाना क्षेत्र के परुआभाड़ी गांव के निवासी हरिबंधु बागरती के रूप में हुई है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि यह घटना तीन जुलाई की है, लेकिन इसका खुलासा तब हुआ जब क्रूरता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

रिपोर्ट के अनुसार, परुआभाडी के निवासी अज्ञात कारणों से बीमार पड़ जाते थे, जिसके बाद ग्रामीणों को हरिबंधु पर स्थानीय लोगों पर जादू-टोना करने का संदेह हुआ। ग्रामीणों ने तब एक अनौपचारिक अदालत आयोजित करने और उसे दंडित करने का फैसला किया। इसी के तहत 3 जुलाई को कुछ ग्रामीण हरिबंधु के घर गए और उसे घसीटकर बाहर निकाला और उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी। युवकों के एक समूह ने हरिबंधु को पकड़ लिया, जबकि दूसरे ने उन्हें पेशाब पीने के लिए मजबूर किया।

भुबाना ने कहा, हालांकि हमने हरिबंधु को घसीटते हुए ग्रामीणों को रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं रुके और हमें जान से मारने की धमकी दी। बाद में, वे हरिबंधु को हमारी झुग्गी में उसके घर के बाहर ले गए और उसकी पिटाई कर दी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और पीडि़त को अस्पताल पहुंचाया।एक अनौपचारिक अदालत के संबंध में एक मामला दर्ज किया गया है और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। टिटलागढ़ अनुमंडल पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) एस.एन. सत्पथी ने बताया कि पीडि़त की हालत अब स्थिर है। बलांगीर के एसपी नितिन कौसलकर ने लोगों से ऐसी घटनाओं की सूचना पुलिस को देने और कानून अपने हाथ में न लेने की अपील की है।